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जिला प्रशासन, पटना द्वारा भूकंप परिदृश्य पर टेबल टॉप एक्सरसाईज एवं मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया गया |

जिला प्रशासन, पटना द्वारा भूकंप परिदृश्य पर टेबल टॉप एक्सरसाईज एवं मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया गया |

जिला  प्रशासन, पटना द्वारा आज पटना समाहरणालय में भूकंप परिदृश्य पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाईज का सफल आयोजन किया गया। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन, पीएचईडी, यातायात, आपदा प्रबंधन, दानापुर कैन्ट, रेलवे, ग्रामीण विकास, नगर निकाय, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, पशुपालन सहित अन्य सभी संबंधित विभागों तथा हितधारकों के पदाधिकारियों द्वारा भौतिक रूप से उपस्थित होकर सहभागिता सुनिश्चित की गई। राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाईज से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एनडीएमए एवं बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरीय अधिकारियों द्वारा जिला की आपदा प्रतिक्रिया योजना, संसाधनों की उपलब्धता, त्वरित संचार तंत्र, एम्बुलेंस रिस्पाँस टाइम इत्यादि मानकों पर तैयारियों तथा प्रभावशीलता की समीक्षा की गयी। 

गौरतलब है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), नई दिल्ली एवं आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के निदेश पर जिला प्रशासन, पटना द्वारा भूकंप परिदृश्य पर मॉक एक्सरसाईज एवं टेबल टॉप एक्सरसाईज का आयोजन किया जा रहा है। आज दिनांक 25 फरवरी, 2026 को पटना समाहरणालय में टेबल टॉप एक्सरसाईज आयोजित किया गया। दिनांक 26 फरवरी, 2026 को सात चिन्हित सिमुलेशन स्थलों पर मॉक एक्सरसाईज का आयोजन किया जाएगा। 

टेबल टॉप एक्सरसाईज के सफल आयोजन के पश्चात जिलाधिकारी, पटना द्वारा आज सायंकाल मॉक एक्सरसाईज के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को मॉक अभ्यास हेतु सात सिमुलेशन स्थलों का चयन किया गया है: *पटना समाहरणालय, जेडी वीमेंस कॉलेज एवं जेडी वीमेंस कॉलेज छात्रावास, बिस्कोमान भवन, सिटी सेन्टर मॉल, जेपी सेतु, गाँधी मैदान एवं आईजीआईएमएस*। सिमुलेशन साईट पर विशिष्ट यथार्थवादी आपदा परिदृश्य का निर्धारण किया जाएगा। इन परिदृश्यों में संरचनात्मक क्षति, आग लगना, फंसे हुए पीड़ित, घायल लोग, राहत एवं बचाव कार्य इत्यादि दृश्य शामिल है। सभी सिमुलेशन साईट्स पर वरीय नोडल पदाधिकारियों एवं प्रभारी पदाधिकारियों को तैनात करते हुए इनके कार्यों एवं दायित्वों का निर्धारण किया गया है। विभिन्न सत्रों में पदाधिकारियों को मॉक अभ्यास के विविध आयामों यथा विस्तृत योजना का सूत्रण, प्रभावी संचार व्यवस्था, संसाधनों की सटीक जानकारी, बेहतर समन्वय तथा उत्तरदायित्व के बोध के बारे में जानकारी दी गई है। सभी स्टेकहोल्डर्स को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) तथा आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निदेशों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया है। उप विकास आयुक्त, पटना को कमांड एवं कंट्रोल की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस अधीक्षक यातायात को मॉक अभ्यास के दौरान चिन्हित स्थलों पर यातायात प्रबंधन हेतु आवश्यक व्यवस्था करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पटना भूकंप के दृष्टिकोण से संवेदनशील है। यह सिस्मिक जोन IV में स्थित है। अतः भूकंप जैसी स्थिति में जान-माल की सुरक्षा हेतु सुदृढ़ तैयारी आवश्यक है। मॉक ड्रिल एवं टेबल टॉप एक्सरसाईज इसी कड़ी का महत्वपूर्ण भाग है। उन्होंने कहा कि इन अभ्यासों का मूल उद्देश्य भूकंप जैसी आपात स्थिति में जिले की तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा करना है। भूकम्प परिदृश्य पर आधारित टेबल टॉप एक्सरसाईज एवं मॉक एक्सरसाईज आम जनता को भूकंप की स्थिति में सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावकारी है। इन अभ्यासों के दौरान सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय की स्थिति की जाँच के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश के आलोक में जिला प्रशासन, पटना द्वारा सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ नियमित तौर पर उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाता है ताकि भूकंप की स्थिति में इसकी विभीषिकाओं से लोगों को बचाया जा सके तथा क्षति का न्यूनीकरण किया जा सके। भूकम्प की स्थिति में Do's and Don'ts  का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार; प्रशिक्षण कार्यशाला, मॉकड्रिल एवं अन्य क्षमतावर्द्धन गतिविधियों का आयोजन कर आपदा जोखिम न्यूनीकरण, तैयारी एवं सुरक्षित व्यवहार के प्रति जनमानस को जागरूक करने सहित सभी स्टेकहोल्डर्स से सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद स्थापित कर अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

जिलाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन, पीएचईडी, यातायात, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, ग्रामीण विकास, नगर निकाय, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, पशुपालन सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मॉक एक्सरसाईज का सफलतापूर्वक आयोजन करने का निदेश दिया गया है। अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, पटना एवं पुलिस अधीक्षक (विधि-व्यवस्था), पटना को मॉक ड्रिल की त्रुटिहीन एवं सुदृढ़ तैयारी हेतु विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तैयारियों के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से नागरिकों को भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सावधानियों; क्या करें एवं क्या न करें तथा सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रतिरोधक क्षमता के महत्व के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

भूकंप-आधारित मॉक ड्रिल भूकंप की वास्तविक स्थिति में तंत्र की प्रभावशीलता के परीक्षण के लिए एक पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम है। आम जनता से अपील है कि पैनिक एकदम न हों। यह केवल मॉक ड्रिल है। वास्तविक तौर पर भूकंप की स्थिति नहीं है। किसी भी प्रकार के अफवाह पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र, पटना (0612-2210118), 24*7 जिला नियंत्रण कक्ष, पटना (0612-2219810/ 2219234), डायल 112 या आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (हेल्पलाइन नंबर- 0612-2294204/205; आपातकालीन सहायता नंबर- 1070) पर संपर्क किया जा सकता है।

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