देशभर में श्रद्धा के साथ मनाई गई वीर सावरकर की पुण्यतिथि, जमशेदपुर में हुआ विशेष आयोजन.jpeg)
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जमशेदपुर/नई दिल्ली, 26 फरवरी 2026:
महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक विनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें वीर सावरकर के नाम से जाना जाता है, की पुण्यतिथि गुरुवार को पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि सभाओं, बैठकों और स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में भारतीय जन महासभा द्वारा जमशेदपुर के मुरारी चौक, बाराद्वारी में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्म चंद्र पोद्दार ने की। उन्होंने वीर सावरकर की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सावरकर का जीवन त्याग, तप और देशभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने अंग्रेजों के अत्याचारों को सहते हुए भी देश की आजादी के लिए संघर्ष जारी रखा।
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पोद्दार ने अपने भाषण में कहा कि वीर सावरकर केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक, लेखक और संगठनकर्ता भी थे। उन्होंने युवाओं को देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया और भारत की आजादी के लिए एक मजबूत वैचारिक आधार तैयार किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सावरकर के विचारों से प्रेरित होकर सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया और मदन लाल ढींगरा जैसे कई क्रांतिकारियों ने देश के लिए बलिदान दिया।
कार्यक्रम में मुरारी लाल अग्रवाल, श्रवण देबूका, शिव शंकर पाल, सुमित राज कात्यायन, मनीष अग्रवाल, शैलेश कुमार ठाकुर, गणेश प्रसाद, संजय दास, ओमेश कुमार सिन्हा, दिव्यांशु सहित बड़ी संख्या में सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने वीर सावरकर के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
देशभर में हुए विविध आयोजन
वीर सावरकर की पुण्यतिथि के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों - दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई जगहों पर स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा निबंध प्रतियोगिता, विचार बैठक और व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को सावरकर के जीवन, उनके विचारों और आजादी की लड़ाई में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोगों ने वीर सावरकर को याद करते हुए उनके विचारों को साझा किया और देश के निर्माण में उनके योगदान को नमन किया। कई जगहों पर दीप जलाने और मौन श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
इस अवसर पर देश-विदेश में रहने वाले भारतीयों ने भी सावरकर को श्रद्धांजलि दी। जिन लोगों ने श्रद्धांजलि दी, उनमें ए. के. जिंदल, बिदेह नंदिनी चौधरी, नवीन कुमार, प्रोमिला अय्यर, मोतीलाल शर्मा, कैलाश चंद्र जांगिड़, मिश्रीलाल विश्वकर्मा, अनीता यादव, मधु परिहार, आरती श्रीवास्तव, गोविंद रंजन, दीप शेखर सिंहल, किरण कुमारी वर्तनी, ओम प्रकाश अग्रवाल, कृष्णा कुमार साहा, लक्ष्मी गुंसाईं, विक्रम खेतावत, ओम प्रकाश गुप्ता, निशा वाणी और मधु सिन्हा शामिल हैं।
प्रेरणादायी रहा सावरकर का जीवन
कार्यक्रमों में वक्ताओं ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन साहस, संघर्ष और देशभक्ति की अनमोल कहानी है। उनके विचार आज भी युवाओं को देश के प्रति समर्पण, आत्मनिर्भरता और जागरूकता का संदेश देते हैं।
पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में यह संकल्प लिया गया कि सावरकर के आदर्शों को अपनाते हुए देश के हित में काम किया जाएगा और उनके बताए रास्ते पर चलकर भारत को और मजबूत बनाया जाएगा।
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