Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

जनगणना 2027: बिहार में 3 लाख कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे 140 मास्टर ट्रेनर

जनगणना 2027: बिहार में 3 लाख कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे 140 मास्टर ट्रेनर

  • चार दिवसीय प्रशिक्षण में 48 मास्टर ट्रेनर शामिल, CMMS से होगी निगरानी
  • पहले चरण में मकान सूचीकरण, पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी

  • जनगणना 2027: बिहार में तीन लाख कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे 140 मास्टर ट्रेनर : निदेशक एम रामचंद्रुडू
  • पटना में पहले बैच का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू, पहले चरण में मकान सूचीकरण, 33 बिंदुओं पर होगा सर्वे, पूरी प्रक्रिया डिजिटल, सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम से होगी मॉनिटरिंग

पटना : भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं घर-घर सर्वेक्षण के लिए मास्टर ट्रेनरों के पहले बैच का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण मंगलवार से प्रारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार, पटना के तत्वावधान में राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए 48 मास्टर ट्रेनर भाग ले रहे हैं।

माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ है। यह देश की विकास नीतियों, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और भविष्य की योजनाओं के वैज्ञानिक निर्धारण का मूल आधार बनती है। बिहार में लगभग तीन लाख कर्मियों की भागीदारी और 140 मास्टर ट्रेनरों की जिम्मेदारी इस अभियान के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है।
डिजिटल मोड में मकान सूचीकरण और 33 बिंदुओं पर विस्तृत सर्वेक्षण की प्रक्रिया पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी। सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) के माध्यम से निगरानी व्यवस्था इसे और अधिक प्रभावी बनाएगी।
मैं सभी मास्टर ट्रेनरों और जनगणना से जुड़े कर्मियों से आह्वान करता हूं कि वे इसे राष्ट्रीय कर्तव्य और जनसेवा का अवसर मानते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बिहार इस राष्ट्रीय अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश के सामने एक आदर्श स्थापित करेगा।


प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के निदेशक एम रामचंद्रुडू ने कहा कि जनगणना 2027 देश का एक विशाल राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें पूरे देश में 32 लाख से अधिक लोग कार्य करेंगे। बिहार में यह संख्या तीन लाख से ऊपर होगी। इन सभी कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी राज्य के 140 मास्टर ट्रेनरों पर है। उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर इस प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि वे विषयवस्तु को सही ढंग से नहीं समझेंगे तो इसका प्रभाव पूरे जिले पर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि चार दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर तैयार मॉड्यूल के आधार पर संचालित किया जा रहा है, ताकि पहले चरण के मकान सूचीकरण से जुड़ी हर विधा में प्रतिभागियों को दक्ष बनाया जा सके। दूसरा चरण, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, के लिए अलग से प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
निदेशक ने बताया कि मकान सूचीकरण और घर घर सर्वेक्षण के दौरान 33 बिंदुओं पर जानकारी संकलित की जाएगी। आमजन को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे वे मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग CMMS के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने इसे देशहित का कार्य बताते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से प्रशिक्षण लेने और आगे जिलों में प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण है तथा सभी मास्टर ट्रेनरों को इसे छात्र की तरह ग्रहण करना चाहिए। किसी भी प्रकार की शंका को तत्काल पूछकर स्पष्ट कर लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में होगी और कंपाइल शीट बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी, जो फिलहाल डेवलपिंग स्टेज में है और समय-समय पर इसकी जानकारी साझा की जाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि कार्य की सफलता के लिए आत्मविश्वास और सरल संवाद शैली आवश्यक है। आमलोगों तक पहुंच बनाने के लिए भाषा सहज और स्पष्ट होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है, लेकिन जिले में जनगणना से जुड़े सभी कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी मास्टर ट्रेनरों की ही होगी। समयबद्ध रिपोर्टिंग को भी उन्होंने कार्य का अहम हिस्सा बताया।इसके उपरांत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ हुआ। जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक श्री संजीव कुमार साव, अरुण मुंडा, निरंजन कुमार तथा सहायक निदेशक अंगद सिंह ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सहायक निदेशक सुधांशु शेखर, अमरेंद्र कुमार, सुमित कुमार आनंद, सुधीर कुमार ओंकारा, सुजाता प्रत्यूष सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ