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शब्दवीणा ने 13वें राष्ट्रीय प्रयास नाट्य मेले में कवि सम्मेलन का किया भव्य आयोजन

शब्दवीणा ने 13वें राष्ट्रीय प्रयास नाट्य मेले में कवि सम्मेलन का किया भव्य आयोजन

  • बसंत, होली, प्रकृति, प्रेम, देशभक्ति, राजनीति व महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों पढ़ी गयीं शानदार रचनाएँ
गया जी। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली तथा कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से 18 से 22 फरवरी 2026 तक गाँधी मैदान, मख़दुमपुर, जहानाबाद में आयोजित 13वें पाँच दिवसीय राष्ट्रीय प्रयास नाट्य मेला 2026 में राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था “शब्दवीणा” की बिहार प्रदेश समिति एवं जहानाबाद जिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संयोजन शब्दवीणा" की संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो डॉ रश्मि प्रियदर्शनी, शब्दवीणा के जहानाबाद जिला संरक्षक वरिष्ठ कवि दीपक कुमार, बिहार प्रदेश साहित्य मंत्री एवं जहानाबाद जिला अध्यक्ष ललित शंकर पाठक, जिला सचिव चितरंजन चैनपुरा, गया जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुमार मालवीय, प्यारचन्द कुमार 'मोहन', सदस्य, राष्ट्रीय संरक्षक मंडल, शब्दवीणा, एवं मेले के निर्देशक मिथिलेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

कवि सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा कार्यक्रम अध्यक्ष दीपक कुमार द्वारा सुमधुर स्वर में प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। कवि सम्मेलन के दरम्यान मेले की स्मारिका का सामूहिक रूप से विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के पौत्र कवि अरविंद कुमार सिंह दिनकर की गरिमामय उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे जहानाबाद के एडीएम अनिल कुमार सिन्हा ने आमंत्रित रचनाकारों को शब्दवीणा की ओर से अंगवस्त्र एवं गुलाब का पुष्प प्रदान करके सम्मानित किया। प्रतिभागी कवियों को शब्दवीणा की ओर से प्रशस्ति प्रमाण पत्र भी दिया गया। कवि सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से आमंत्रित कवियों में अरुण हरलीवाल, अरविंद दिनकर, जैनेन्द्र कुमार मालवीय, अरविंद कुमार, गोपाल फलक, चितरंजन चैनपुरा, डॉ मानसी सिंह, डॉ आरती कुमारी, डॉ मीनाक्षी मीनल, हेमा सिंह, इंदल कुमार, अवधेश कुमार, दीपक कुमार, ललित शंकर पाठक, सुधीर कुमार सिंह, राणा वीरेंद्र सिंह व अन्य ने बसंत, होली, राजनीति, कूटनीति, प्रेम, प्रकृति, देशभक्ति, महिला सशक्तीकरण जैसे विविध समसामयिक सामाजिक विषयों पर एक से बढ़कर एक रचनाएँ पढ़ी। गीत, गज़ल, दोहे, मुक्तकों एवं ओज भरी कविताएँ पढ़कर श्रोताओं से खूब वाहवाहियाँ पायीं।

डॉ० रश्मि प्रियदर्शनी ने शब्दवीणा के मंच पर सभी रचनाकारों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए "शब्दवीणा" की देश भर में सक्रिय 14 प्रदेश समितियों, जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा आदि, एवं उनके अंतर्गत गठित विभिन्न जिला समितियों द्वारा अॉफलाइन एवं अॉनलाइन तरीकों से किये जा रहे विभिन्न साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजनों पर प्रकाश डाला। डॉ रश्मि ने बसंतोत्सव होली पर रचित अपने गीत "आमों की डाली पर झूला झूल-झूल कोयलिया बोली। कब तक घर में बंद रहोगे, आने वाली है अब होली" एवं रंग-बिरंगी खुशियाँ लेकर आई, होली आई रे, अच्छाई की जीत सदा हो, हारे कुटिल बुराई रे" की सुमधुर प्रस्तुति दी। जैनेन्द्र मालवीय, डॉ आरती कुमारी, अरुण हरलीवाल, चितरंजन चैनपुरा, अरविंद कुमार की रचनाओं पर भी खूब तालियाँ बजीं। धन्यवाद ज्ञापन शब्दवीणा ललित शंकर पाठक ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मीनाक्षी मीनल ने किया। कवि सम्मेलन का सीधा प्रसारण फेसबुक पर शब्दवीणा केन्द्रीय पेज से किया गया, जिससे देश के विभिन्न भागों से जुड़े साहित्यानुरागियों ने कार्यक्रम का आनंद उठाया। गाँधी मैदान में भी बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही। कवि सम्मेलन कवि मनोज कुमार कमल को समर्पित रहा।

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