अहिंसा का मतलब, ख़ामोश रह सहना नहीं होता,
विनम्रता मतलब, चुप रह उत्पात सहना नहीं होता।धर्म का मतलब शब्दों में नहीं, सार में छिपा होता,
सनातन के टुकड़े कर, नवधर्म को सहना नहीं होता।
जैन बोद्ध और सिक्ख, सनातन के विचार हैं,
धर्म अलग नहीं है, मानवता का विस्तार हैं।
रोटी बेटी- जीवन मरण, धर्म कर्म शैली एक,
सनातनी विस्तार के, मर्यादित व्यवहार हैं।
सनातन को तोड़ने की साज़िशें होती रही,
सियासतें अलग करने की राह खोजती रही।
कौन नानक- पंच प्यारे, कौन बुद्ध महाबीर थे,
क्यों हमारे तीर्थ स्थलों मे, पर्यटन रोपती रही?
मन्दिर अस्तित्व की लड़ाई, सनातनी अस्तित्व की है,
धर्म विरोधीयों के विनाश, सनातनी अस्तित्व की है।
एकजुट गर हो सके, जीत मिलनी सुनिश्चित रहेगी,
धर्म स्थलों के विकास और सनातनी अस्तित्व की है।
मत बनाओ पर्यटन केन्द्र, हमारे तीर्थ स्थलों को,
मत बनाओ मस्ती के केंद्र, पवित्र तीर्थ स्थलों को।
आस्था के केन्द्र हों, शराब नशा मांसाहार से मुक्त,
अध्यात्म के मन्दिर बनाओ, सनातन तीर्थ स्थलों को।
डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
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