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धन्वंतरि शाकद्वीपीय समिति द्वारा सूर्य पूजन का भव्य एवं अनुशासित आयोजन

धन्वंतरि शाकद्वीपीय समिति द्वारा सूर्य पूजन का भव्य एवं अनुशासित आयोजन

धन्वंतरि शाकद्वीपीय समिति के तत्वावधान में आयोजित पावन सूर्य पूजन कार्यक्रम आज श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में अत्यंत सफल संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही आयोजन स्थल पर पवित्रता, संयम और आस्था का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। भगवान भास्कर के दिव्य स्मरण और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।

इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी, सदस्यगण एवं समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। विशेष रूप से नारी शक्ति की सक्रिय एवं सार्थक सहभागिता ने आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की। पुरुष वर्ग ने भी अपेक्षाकृत उत्तम उपस्थिति दर्ज कराते हुए पूरे अनुशासन और निष्ठा के साथ अनुष्ठान में भाग लिया। सामूहिक सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि समाज अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति सजग और समर्पित है।

सूर्य पूजन के अंतर्गत हवन एवं वैदिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने उपवास में रहते हुए अग्निदेव को शुद्ध घी की आहुतियाँ अर्पित कीं। मंत्रोच्चार की गूंज और अग्नि की पावन लपटों के मध्य यह दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं भावविभोर करने वाला था। इस सामूहिक साधना ने न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि एकता, अनुशासन और सामूहिक शक्ति का भी जीवंत अनुभव कराया।

अनुष्ठान के उपरांत विधिवत प्रसाद वितरण किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और संयम के साथ अनालवणीकृत (बिना नमक वाला) मध्याह्न भोजन ग्रहण किया। यह भोजन केवल शारीरिक तृप्ति का साधन नहीं, बल्कि व्रत, आत्मसंयम और धार्मिक अनुशासन का प्रतीक रहा। प्रसाद एवं भोजन ग्रहण करते समय श्रद्धालुओं के मुखमंडल पर संतोष, शांति और आत्मिक प्रसन्नता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी।

कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालु भगवान भास्कर के आशीर्वाद से स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा और कृतज्ञता का भाव लेकर प्रसन्नतापूर्वक अपने-अपने गंतव्य को प्रस्थान किए। यह सूर्य पूजन कार्यक्रम मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को एकसूत्र में बांधने, सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और आने वाली पीढ़ी को परंपरा से जोड़ने वाला एक प्रेरक एवं अनुकरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।

धन्वंतरि शाकद्वीपीय समिति का यह सुव्यवस्थित, सकारात्मक और सामूहिक प्रयास निश्चय ही साधुवाद एवं प्रशंसा के योग्य है।इति-शुभम…
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