जनवरी 2026 के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार
हर हर महादेव!!
लेखक:रवि शेखर सिन्हा उर्फ आचार्य मनमोहन।
ज्योतिष मार्तण्ड एवं जन्म कुण्डली विशेषज्ञ।
मैं आप सबको और आप सबके हृदय में विराजमान ईश्वर को प्रणाम करता हूं और धन्यवाद करता हूं। वर्ष 2025 अलविदा हो चुका है। अब आरंभ हुआ है अंग्रेजी कैलेंडर का वर्ष 2026. ईसाई मत के अनुसार अंग्रेजी वर्ष 2026 ई का समस्त विश्व में स्वागत किया गया है। पूरे विश्व के और भारतवर्ष के सभी नागरिकों को हमारी तरफ से ईसाई नव वर्ष 2026 ई की हार्दिक शुभकामनाएं।
हम ईश्वर से और माता गायत्री से प्रार्थना करते हैं कि वर्ष 2026 समस्त विश्व के लिए, भारतवर्ष के लिए और हम सभी के लिए शुभ फल प्रदायक हो। इस वर्ष हम सबको प्रकृति का आशीर्वाद प्राप्त हो। हम सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हो। समस्त विश्व में अमन और शांति रहे। सभी का आपस में प्रेम और सौहार्द बना रहे। इसी मंगल कामना के साथ हम स्वागत करते हैं वर्ष 2026 ई का। नया वर्ष 2026 हम सभी के लिए मंगलमय हो। आनंदमय हो। सुखमय हो। जैसा कि हम सब जानते हैं ईसाई नव वर्ष का प्रथम महीना जनवरी का महीना होता है। अंग्रेजी के जनवरी महीने में हमारे सनातन पंचांग के अनुसार माघ का महीना होता है। माघ माह और माघ माह के अधिपति देवी देवताओं को नमन करते हुए आइए चर्चा आरंभ करते हैं जनवरी 2026 ई के कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों के बारे में।
4 जनवरी से 18 जनवरी 2026 ई तक माघ कृष्ण पक्ष होगा। यह पक्ष पूरे 15 दिनों का है। इस पक्ष के तीन रविवार एवं रविवार की अमावस्या को चतुर्ग्रही योग के कारण दैवी प्राकृतिक दुर्घटनाओं का योग बन रहा है। जबकि 19 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक माघ शुक्ल पक्ष होगा। इस पक्ष में चतुर्दशी तिथि का लोप हो जाने के कारण यह पक्ष 14 दिनों का ही है। यदि कोई व्यक्ति पूरे माघ महीने में गंगा स्नान करने में असमर्थ है तो 3 दिनों तक स्नान कर लेने से भी पूरे माघ स्नान का फल प्राप्त हो जाता है। माघ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से गुप्त नवरात्र प्रारंभ होता है। इसमें साधक गुप्त रूप से सिद्धि प्राप्त करने के लिए मां भगवती जगदंबा की पूजा अर्चना करते हैं। इसी माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को माता भगवती विद्यादायिनी सरस्वती माता की पूजा आराधना की जाती है।
1 जनवरी गुरुवार को प्रदोष व्रत होगा। आज से ईसाई नव वर्ष 2026 प्रारंभ होगा।
2 जनवरी शुक्रवार को व्रत की पूर्णिमा होगी।
3 जनवरी शनिवार को स्नान दान की पूर्णिमा होगी। आज शाकंभरी जयंती मनाई जाएगी और आज ही शाकंभरी नवरात्र समाप्त हो जाएगा।
आज से प्रयागराज में माघ मेला आरंभ होगा। कल्पवास, माघ स्नान ,यम नियम आज से प्रारंभ हो जाएगा।
4 जनवरी रविवार को इष्टि होगा। इष्टि के दिन घर में रखे हुए देवी देवताओं की प्रतिमा को भोजन कराने का विधान है। अर्थात उन्हें अन्न और पकवान का भोग लगाया जाता है।
5 जनवरी सोमवार को नवीन मत के अनुसार सिक्खों के दसवें और अंतिम गुरु, गुरु गोविंद सिंह का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
6 जनवरी मंगलवार को संकष्टी अंगारकी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत होगा।
9 जनवरी शुक्रवार को विक्रम संवत की तिथि के अनुसार स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिन मनाया जाएगा। साथ ही आज स्वामी श्री रामानंदाचार्य का भी जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
12 जनवरी सोमवार को अंग्रेजी तारीख के अनुसार स्वामी विवेकानंद का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। इस दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
13 जनवरी मंगलवार को लोहड़ी का त्यौहार मनाया जाएगा। सिख समुदाय का यह त्यौहार पंजाब और हरियाणा में विशेष रूप से मनाया जाता है।
14 जनवरी बुधवार को षटतिला एकादशी का व्रत गृहस्थ और वैष्णव दोनों के लिए सर्वमान्य होगा। आज रात्रि 9:19 पर भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे। खरमास समाप्त हो जाएगा। रात्रि में मकर राशि में सूर्य के प्रवेश करने के कारण आज मकर संक्रांति का त्यौहार का पुण्य काल नहीं होगा।
शास्त्र का नियम यह है कि प्रदोष के बाद रात्रि में किसी भी समय यदि सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं अर्थात संक्रांति होती है तो उसका पुण्य काल दूसरे दिन होता है।
15 जनवरी गुरुवार को मकर संक्रांति अर्थात खिचड़ी का पर्व मनाया जाएगा। स्नान दान के लिए यह पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सर्वत्र गंगा नदी अथवा अन्यत्र नदी, तीर्थ, कुंआ, सरोवर इत्यादि में स्नान किया जाएगा। ऊनी वस्त्र, दुशाला, कंबल, जूता, धार्मिक पुस्तकें, विशेष कर पंचांग का दान विशेष पुण्य फल कारक होता है। इस पर्व को पूरे देश में अपनी स्थानीय परंपरा एवं रीति रिवाज से मनाया जाता है। दक्षिण भारत में इसे पोंगल के नाम से मनाया जाता है।
16 जनवरी शुक्रवार को प्रदोष व्रत होगा। आज मासिक शिवरात्रि का व्रत भी होगा।
18 जनवरी रविवार को स्नान दान श्राद्ध की अमावस्या होगी। माघ मास की इस अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन तीर्थराज प्रयाग, त्रिवेणी संगम, काशी के दशाश्वमेध घाट पर और पश्चिम वाहिनी गंगा नदी में स्नान करना श्रेष्ठ पुण्य फलप्रदायक माना जाता है।
19 जनवरी सोमवार को इष्टि होगा।आज से गुप्त नवरात्र प्रारंभ होगा।
20 जनवरी मंगलवार को चंद्र दर्शन होगा।
22 जनवरी गुरुवार को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत होगा।
23 जनवरी शुक्रवार को श्री पंचमी अर्थात वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। सर्वत्र माता सरस्वती का जन्मोत्सव आज के दिन मनाया जाता है। घर-घर में माता सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। आज के दिन तक्षक नाग की पूजा करने का भी विधान है। आज रति काम महोत्सव भी मनाया जाएगा। आज के दिन आम के मंजर का भक्षण किया जाता है। अर्थात भगवान को चढ़ाकर आम का मंजर थोड़ा सा खाया जाता है।
भारत मां के सपूत महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती आज मनाई जाएगी।
24 जनवरी शनिवार को शीतला षष्ठी का पर्व मनाया जाएगा। बंगाल प्रांत में यह पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है।
25 जनवरी रविवार को अचला सप्तमी अथवा रथ सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा। इसे भानु सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है।
26 जनवरी सोमवार को भीष्म अष्टमी मनाया जाएगा।
आज राष्ट्रीय पर्व भारतीय गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
27 जनवरी मंगलवार को महानंदा नवमी का पर्व होगा। ब्रह्मनायक श्री हरसू ब्रह्मदेव जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। यह उत्सव रोहतास जिले के चैनपुर में धूमधाम से मनाया जाता है। यहां पर मेले का भी आयोजन किया जाता है। आज गुप्त नवरात्रि समाप्त हो जाएगी।
29 जनवरी गुरुवार को जया एकादशी का व्रत होगा। यह व्रत गृहस्थ और वैष्णव दोनों के लिए सर्वमान्य होगा। आज के एकादशी को भैमी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
30 जनवरी शुक्रवार को प्रदोष व्रत होगा। आज भीष्म द्वादशी भी है। भीष्म पितामह को उद्देश्य कर श्राद्ध और तर्पण करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है। आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है।
विशेष टिप्पणी:
4 जनवरी से 18 जनवरी के बीच देवी प्राकृतिक दुर्घटनाओं का योग बन रहा है। सावधानी बरतना चाहिए।
11 जनवरी रविवार के दिन में 3:16 पर भगवान सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। जिसके कारण उड़द, चावल, पटसन, गुड, कपास, पीपला, मूल, लाख, चपड़ी और सरसों के मूल्यों में वृद्धि हो जाएगी।
14 जनवरी बुधवार की रात 9:19 पर भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा और सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे। शास्त्रीय नियम के अनुसार यदि सूर्य की संक्रांति प्रदोष काल के बाद रात्रि के समय में होता है तो उसका पुण्य काल दूसरे दिन होता है। इस नियम के अनुसार मकर संक्रांति अर्थात खिचड़ी का पर्व 15 जनवरी गुरुवार को मनाया जाएगा। इस मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा और समस्त मांगलिक कार्य पुनः आरंभ हो जाएंगे। विवाह, गृह प्रवेश, नया रोजगार, व्यवसाय करने का मुहूर्त प्रारंभ हो जाएगा।
पूरे देश में हड्डियों को कंपा देने वाली सर्दी पड़ेगी। 24 जनवरी शनिवार को दिन में 4:00 बजे भगवान सूर्य श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही शेयर बाजार में तेजी आ जाएगी। मादक द्रव्यों के मूल्य में तेजी होगी।
19 जनवरी से 1 फरवरी के बीच वर्षा होने की संभावना बन रही है। जिसके कारण पढ़के की ठंडक पड़ने लगेगी।
*विशेष जानकारी*
*इष्टि* यह शब्द पंचांग में लिखा होता है।
*इसका अर्थ यह होता है कि यह भगवान को भोजन कराने का दिन है। जिस तरह मनुष्यों को प्रतिदिन भूख लगती है, मनुष्य प्रतिदिन भोजन करता है। जिस तरह प्रेत अथवा पीतर लोगों को महीने में एक दिन भूख लगती है। भोजन करते हैं। अर्थात अमावस्या के दिन पीतर लोग भोजन करते हैं। वैसे ही महीने में दो दिन देवी देवताओं को भूख लगती है। भोजन करते हैं। महीने के वह दो दिन होते हैं इष्टि।
इष्टि के दिन घर में भगवान को भोजन कराया जाता है। अपने समर्थ के अनुसार भोजन पकवान बनाकर भोग जरुर लगाना चाहिए। इससे देवता प्रसन्न होते हैं। वरदान देते हैं।
जनवरी 2026 ईस्वी में 4 जनवरी रविवार को और 19 जनवरी सोमवार को इष्टि होगा। इष्टि के दिन भगवान को अपने सामर्थ्य के अनुसार भोजन, पकवान इत्यादि का भोग लगाना चाहिए और उसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण करना चाहिए।*
इति शुभमस्तु! कल्याणमस्तु!!
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