कलमकार
जिसके कलाम और कलम की धार होगी पैनी
वो राह मंजिल की खुद बनाता चला जाएगा
हो समाज और समय की मांग सृजन से
सुखनवर भाव कलमबद्ध करता चला जाएगा
शब्द मोती चुनकर बुनता कलमकार भावों को
फनकार है वो महफ़िल महकाता चला जाएगा
जो साहस प्रेम दया करुणा रसधार रखता हो
बंधुत्व भाव से अंगारों पर चलता चला जाएगा
सदा देश की खातिर सोचे गर्व करें हिंदुस्तानी में
लेखनी की शमशीर से लोहा लेता चला जाएगा
हो हिमालय सा हौसला सागर सी गहराई हो
रचनाकार वो वाणी से सृजन करता चला जाएगा
हंसवाहिनी साधक नित शारदे साधना करता है
वाणी का असर दरबार में दिखाता चला जाएगा
कवि हृदय से निकले जज्बात बड़े काम के
शब्दों के विमान से नभ छूता चला जाएगा
रमाकांत सोनी नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews