Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

विश्व कायस्थ महासम्मेलन में शिरकत करने के लिये निः शुल्क प्रवेश (फ्री इंट्री) की व्यवस्था : दीपक कुमार अभिषेक

विश्व कायस्थ महासम्मेलन में शिरकत करने के लिये निः शुल्क प्रवेश (फ्री इंट्री) की व्यवस्था : दीपक कुमार अभिषेक 

हमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खास खबर  

जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बिहार-झारखंड के प्रभारी दीपक कुमार अभिषेक ने कायस्थ समाज को संगठित होकर 19 दिसम्बर को नयी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाले "विश्व कायस्थ सम्मेलन" में शामिल होने के लिए अपील किया है। 

उन्होंने आज 16 दिसम्बर (गुरुवार) को पटना में एक वार्ता के क्रम में बताया कि जीकेसी नयी दिल्ली में विश्व कायस्थ महासम्मेलन ‘उम्‍मीदों का कारवां’ कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसे लेकर तैयारी अंतिम चरण में है और बिहार से उनके साथ एक हजार से अधिक चित्रांश परिवार इस महासम्मेलन शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक राज्यों से भाग लेने वाले चित्रांश परिवारों के रहने, खाने आदि से सम्बंधित तैयारी के लिये जीकेसी बिहार की टीम पूरे जोरशोर के साथ काम कर रही है। 

दीपक अभिषेक ने बताया कि इस सम्मेलन में शिरकत करने के लिये बिहार के सभी 38 जिलों से चित्रांश परिवार अपने जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में विश्व कायस्थ महासम्मेलन में शिरकत करेंगे। कायस्‍थ समाज अपनी एकजुटता और ताकत का एहसास दिलाने के लिए तालकटोरा स्‍टेडियम में हुंकार भरेगा।

उन्होंने बताया कि विश्व कायस्थ महासम्मेलन में शिरकत करने के लिये निः शुल्क प्रवेश (फ्री इंट्री) की व्यवस्था रखी गयी है, इसके साथ ही जो लोग इस सम्मेलन में शामिल होने जा रहे हैं उनके लिये ठहरने और खाने की भी जीकेसी ने  नि.शुल्क व्यवस्था रखी है। 

उन्होंने कहा कि हम सब कायस्थ बंधु और कायस्थ के सभी संगठन अपने सारे मतभेदों को भुलाकर इस ऐतिहासिक महासम्मेलन का हिस्सा बनेंगे और अपने कायस्थ समाज को बुलंदियों पर पहुंचाने में मदद करें।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ