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तीन पुलों का निर्माण भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में अति आवश्यक

तीन पुलों का निर्माण भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में अति आवश्यक

  •  भाटपार रानी पश्चिमी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण
  •  भाटपार रानी- प्रतापपुर मुख्य मार्ग में अहिरौली के समीप क्षतिग्रस्त पुल
  •  प्रतापपुर- मैरवा मार्ग को बिहार- उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला क्षति ग्रस्त पुल

भाटपार रानी (देवरिया) से संवाददाता  वेद प्रकाश तिवारी की खबर कस्बे से पकड़ी, भिंगारी बाजार की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क पश्चिमी रेलवे क्रॉसिग को पार करती है। गाड़ियों के आवागमन के समय जब रेलवे क्रॉसिंग पर बैरियर लगा दिया जाता है तो आने -जाने वाले लोगों का हुजूम इस तरह दोनों तरफ बढ़ जाता है कि जैसे किसी मेट्रोपॉलिटन सिटी में देखने को मिलता है । कामकाजी महिलाएं ,छात्र-छात्राएं, नौकरी पेशा वाले लोग, व्यवसाय करने वाले लोगों की चार पहिया, दो पहिया वाहन ,साइकिल कि इतनी लंबी कतार लग जाती है कि देखकर ऐसा लगता है कि हम दिल्ली या मुंबई में खड़े हैं । लोगों को क्रॉसिंग पार करने में इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है कि रेलगाड़ियों के पास होने के बाद कभी-कभी तो एक से डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं । यह खबर सोशल मीडिया पर अक्सर आपको देखने को मिलती है । भाटपार रानी से प्रतापपुर जाने वाला मुख्य मार्ग अहिरौली के समीप बना पुल क्षतिग्रस्त होने की वजह से या मार्ग कई महीनों से बाधित है । प्रतापपुर से बिहार के मैरवा शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क चित्रसेन बनकटा के आगे शाही नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उस पर चलने वाले यात्रियों को वाहनों को कभी भी मौत के मुंह में धकेल सकता है पुल इस कदर क्षतिग्रस्त है कि देखने से ही लगता है यह कभी भी गिर सकता है । हालांकि यह पुल पूरी तरह से बिहार में है पर उस क्षेत्र में यात्रा करने वाले ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश के हैं जो मैरवा कस्बे में व्यवसाय करते हैं, शिक्षा ग्रहण करते हैं या कहीं आने जाने के लिए मैरवा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ते हैं । भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र के जनता के प्रतिनिधि यदि चाहें तो अपने प्रभाव से बिहार राज्य को उनके मंत्री या उनके प्रशासनिक अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल निर्माण के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह कर सकते हैं । बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है । अतः संवाद में किसी प्रकार की कोई कठिनाई होने की संभावना नहीं है । एक संवाददाता होने के नाते मुझे इन रास्तों से अक्सर गुजरना होता है और एक मानवीय संवेदना रखने के नाते यह आगाह करना मेरा फ़र्ज़ है कि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना ना घटे इसके लिए उचित कदम उठा लिया जाए ।
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