Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

वीरों की शहादत पर खुशियां मनाने वाले देश के आंतरिक दुश्मन : वेद प्रकाश

वीरों की शहादत पर खुशियां मनाने वाले देश के आंतरिक दुश्मन : वेद प्रकाश

एक तरफ पूरा देश हमारे राष्ट्र नायकों के असामयिक मृत्यु से रो रहा है। अभी तक CDS बिपिन रावत के अंतिम दर्शन करके पूरे देश की आँखे नम हैं। इस राष्ट्रीय क्षति पर जब पूरा देश सदमे में है दुखी है रो रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ तथाकथित लोग वीरों की शहादत पर खुशियां मना रहे हैं । लेकिन देश ऐसे लोगों को और उनकी नियत को पहचानता है । आज देश को बाहरी दुश्मनों से जितना खतरा नहीं है उतना देश के आंतरिक दुश्मनों से है । यह बातें चिकित्सक, रचनाकार, समाजसेवी वेद प्रकाश तिवारी विपिन रावत की श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे । भाटपार रानी तहसील अंतर्गत बखरी बाजार में स्थित नर्सिंग कॉलेज में छात्र- छात्राओं, शिक्षकों और साहित्यकारों के बीच श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद वेद प्रकाश तिवारी ने कहा कि मुझे अफसोस है कि कुछ साहित्यकार भी ऐसे हैं जो सोशल मीडिया पर ऐसे शहीदों की शहादत के विषय में दो शब्द न लिखकर , पोस्ट किए गए उनकी तस्वीरों पर संवेदना के दो शब्द न लिखकर सिर्फ प्रेम और श्रृंगार की कविताएं लिखते हैं। यदि कविता ही लिखनी है तो इन राष्ट्र नायकों का राष्ट्र के प्रति जो योगदान है उस पर कविता लिखते । पर कुछ रचनाकार इतने संवेदनहीन हैं कि उन्हें लगता है कि ऐसे लोग हमारे कोई अहमियत नहीं रखते । सब देख कर मेरा मन क्षुब्ध हो जाता है और कभी-कभी लगता है कि कवि का संबंध मनुष्य की संवेदना से है, उसकी भावना से है फिर ऐसी संवेदनहीनता कुछ कवियों के हृदय में कैसे आ जाती है । यह बात हमें समझना होगा आज यदि हम शांति से जी रहे हैं ,खुली हवा में सांस ले रहे हैं और अपने को भयमुक्त पा रहे हैं तो इसका एक ही कारण है कि हमारे सेना के जवान रेगिस्तान में, पहाड़ों पर, बीहड़ों में, सियाचिन जैसी ठंड स्थान पर जहां -24 25 डिग्री तापमान है ,वहां अपनी जान पर खेलकर ड्यूटी  दे रहे है । क्या एक देश का नागरिक होने के नाते हमारा यह दायित्व नहीं बनता कि हम उनके लिए संवेदना के दो शब्द लिखें ? अपने हृदय में राष्ट्रप्रेम जीवित रखें ? जिसके हृदय में राष्ट्र के प्रति प्रेम नहीं ,सैनिकों के प्रति कोई संवेदना नहीं ऐसे लोग जीवित होते हुए मुर्दे के समान हैं। श्रद्धांजलि सभा में समाजसेवी जटा शंकर सिंह, कवि शायर पत्रकार मकसूद अहमद भूपतपूरी ,नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अक्षय कुमार तथा अन्य लोगों ने भी सभी शहीदोंं को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ