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सरकारों की ईमानदारी

सरकारों की ईमानदारी

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

कोई भी अपने को बेईमान नहीं कहता लेकिन शत-प्रतिशत ईमानदार होना भी एक आश्चर्य ही होगा। हरियाणा और झारखण्ड की सरकारें अपने-अपने राज्य की महत्वपूर्ण परीक्षाओं को लेकर ईमानदार होने का दावा कर रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि हरियाणा लोकसेवा आयोग की परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। इसके बावजूद वहां के विपक्षी दल आरोप लगा रहे कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। इसी प्रकार झारखण्ड में झारखण्ड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है और मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावा किया कि जेपीएससी परीक्षा में कोई गड़बड़ी ही नहीं हुई तो जांच किस बात की होगी? झारखण्ड में अब स्कूल में ही जाति प्रमाण पत्र भी बनेंगे।

हरियाणा में लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं पर जब सवाल उठे तो मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग स्वायत निकाय है। आयोग का एक अध्यक्ष और 5 सदस्य हैं। आयोग द्वारा भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें पूर्ण पारदर्शिता बरती जाती है। आयोग द्वारा संचालित किसी भी लिखित परीक्षा में अब तक प्रश्नपत्र लीक होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। एच.सी.एस. (कार्यकारी शाखा) और अन्य संबद्ध सेवाएं 2021 के 155 पदों के लिए विज्ञापन 26 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इन पदों के लिए 1,48,262 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। प्रारंभिक परीक्षा 12 सितम्बर 2021 को 13 जिलों में स्थित 535 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 24 सितम्बर 2021 को घोषित किया गया, जिसमें 2041 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्ट लिस्ट किया गया। डेंटल सर्जन के 81 पदों के लिए विज्ञापन 25 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इन पदों के लिए 7,891 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। लिखित परीक्षा 26 सितम्बर 2021 को पंचकूला स्थित 29 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई। लिखित परीक्षा का परिणाम 10 नवम्बर 2021 को घोषित किया गया। जिसमें कुल 220 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्ट लिस्ट किया गया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि हमारी सरकार काबलियत पर भर्ती करने के अपने नारे पर पूरी तरह से कायम है। नौकरियों में भ्रष्टाचार करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। राज्य चैकसी ब्यूरो द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जारी है। इस पर कांग्रेस व विपक्ष के कई सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल तो ईमानदार हैं, लेकिन नीचे वाले कुछ लोग अधिकारियों के साथ मिलकर गड़बड़ कर रहे हैं। इनको बख्शा नहीं जाना चाहिए, इनके खिलाफ जांच करवा कर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विपक्ष यह बात मानता है कि मैं ईमानदार हूं तो फिर शंका क्यों। मैं विपक्ष का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाता हूं कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

हरियाणा सरकार ने बिना पर्ची और बिना खर्ची के 84 हजार नौकरियां दी हैं, उसमें गरीब व्यक्ति भी शामिल हैं। पूर्व की सरकारों में चेहरा देखकर तिलक किया जाता था। लोग अपने गहने तक बेचकर नौकरियां खरीदते थे लेकिन अब योग्यता के आधार पर बिना किसी पर्ची और खर्ची के नौकरियां दी जा रही हैं।

उधर झारखंड बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि जेपीएससी की परीक्षा में घोटाला नहीं, बल्कि महाघोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में यह महाघोटाला हुआ है। दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि सरकार चलाने वाले राजनीतिक दल के लोग उसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। इसलिए राज्य सरकार जांच कराने से डर रही है। उन्होंने कहा कि तय नियमों को पूरी परीक्षा के दौरान शिथिल किया गया। इसके अलावा फेल हुए बच्चों को पास कराया गया है। यह सब प्रमाणित हुआ है, उसके बाद भी सरकार बचाव कर रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार इसमें पूरी तरह से लिप्त है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरफ से मनुवादी होने का आरोप लगाने पर दीपक प्रकाश ने कहा कि सीबीआई से आप जांच करवाइए। बीजेपी के लोग गीता पर विश्वास करते हैं, वेद -रामायण पर विश्वास करते हैं, सर्वधर्म समभाव पर विश्वास करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि आपको सीबीआई जांच से डर क्यों लग रहा है ? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विपक्ष के आरोप को खारिज करते हैं। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जाति प्रमाणपत्र को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब स्कूलों में ही जाति प्रमाणपत्र बनाए जा सकेंगे। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि 29 दिसंबर के बाद से सरकारी और निजी स्कूलों में ही प्रमाणपत्र बनवाए जा सकेंगे। सभी कक्षा के छात्र जाति प्रमाणपत्र बना सकेंगे। विधानसभा में जेपीएससी के मुद्दे पर सरकार और विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच जेपीएससी-सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सदन में टकराव की स्थिति बनी रही। भाजपा के सदस्य वेल में जाकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इसको लेकर हो-हंगामा शुरू हो गया। इसपर विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही दोबारा जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य फिर से इस मसले पर विरोध करने लगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वह यहां (सदन) झारखंड के लोगों का काम करने के लिए बैठे हैं, न कि बांग्लादेशी या पाकिस्तानी के लिए। इसके बाद बीजेपी विधायक मनीष जायसवाल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की प्रति फाड़ दी। भाजपा सदस्य के इस कदम को विधायक प्रदीप यादव ने सदन की अवमानना बताते हुए कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि निश्चित ही कार्रवाई होगी। अध्यक्ष ने कहा कि यह कैसे व्यवहार है? आप लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करना चाहते हैं। यह लड़ाई भी सरकार की ईमानदारी को लेकर थी। (हिफी)
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