अखिल भारतीय मगही प्रचारनी सभा का १२वां राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न सपथ ग्रहण समारोह 26 दिसंबर को
स्थानीय केशव नगर,अवस्थित दया प्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर में अखिल भारतीय मगही प्रचारनी सभा का १२वां राष्ट्रीय अधिवेशन
अखिल भारतीय मगही प्रचारनी सभा के द्वारा किया गया, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों के साहित्यिक संस्थाओं / मंचों के प्रतिनिधि वक्ता मगही प्रचारिनी सभाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी व सदस्यगण, कई विद्यालयों के वरीय शिक्षक शिक्षिकाएं, मीडियाकर्मी, संस्कृतिकर्मी एवं मगही प्रेमी शामिल हुए।
इस १२वें राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ.अनिल सुलभ थे और प्रधान अतिथि डॉ. सुरेश चंद्र अधिष्ठाता भाषा समूह दक्षिण भारतीय केंद्रीय विश्वविद्यालय* । वहीं इसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय मगही प्रचारनी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी ने की।
१२वां राष्ट्रीय अधिवेशन चार सत्रों में संपन्न हुआ। जहां प्रथम सत्र झंडोतोलन के साथ शुरू हुआ और उद्घाटन सत्र में मगही के मंगकीकरण बोली और भाषा पर विषय छाया रहा, वहीं दूसरे सत्र में मगही भाषा राज आऊ समाज पर चर्चा केन्द्रित रही। इस अधिवेशन की विशेषता रही की इसमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमांचल प्रदेश के लोक भाषा प्रतिनिधियों ने सहभाग किया। मंच का संचालन श्री सुमंत कुमार ने किया ।
वहीं तीसरे सत्र में संगठन का गठन अगले तीन साल के लिए किया गया जिसमें रामपुकार सिंह राठौर और डॉ रामकृष्ण को सलाहकार मंडल , डॉ भरत सिंह, श्री धनंजय श्रोत्रीय, श्री प्रभात कुमार वर्मा और श्री रामरतन सिंह रत्नाकर को संरक्षक मंडल का सदस्य बनाया गया। इस सभा के सभापति के रूप मे डॉ सच्चिदानंद प्रेमी, उपसभापति डॉ कृष्णदेव मिश्र, डॉ रामसिंघासन सिंह, महामंत्री श्री नरेंद्र प्रसाद सिंह नवादा तथा सहायक मंत्री श्री बृजनंदन पाठक एवं डॉ नन्दन कुमार सिन्हा को बनाया गया। इसके अतिरिक्त छः सदस्यों का भी चयन किया गया है , पश्चिम बंगाल के संयोजक श्री पारस नाथ सिंह, झारखंड के संयोजक श्री प्रवीण परिमल एवम प्रो. सुष्मिता सीमा, शेखपुरा के संयोजक श्री उपेंद्र प्रेमी, लखिसराय के संयोजक श्री दसरथ महतो, नवादा के संयोजक वीना मिश्रा, अरवल के संयोजक श्री मणिकांत मणि, पटना के संयोजक डॉ राकेश दत्त, जहानाबाद के संयोजक श्री मनोज कुमार कमल एवम गया के संयोजक डॉ राकेश कुमार रवि को बनाया गया। वहीं औरंगाबाद का संयोजन पूनम करेंगी।
चौथे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्र के प्रत्येक राज्य और बिहार के प्रत्येक जिले के प्रतिनिधि कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं के मन मोह लिए।
यह भी निर्णय लिया गया कि 26 दिसंबर को साढ़े बारह बजे से दोपहर दो बजे दिन तक सभी नए पदाधिकारियों एवम सदस्यों का सपथ समारोह आयोजित किया जाएगा।
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