कृषि कानून और पंजाब की सियासत
(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी को चैंकाते हुए 19 नवम्बर को गुरुनानक जयंती के दिन तीनों विवादास्पद कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर दी। सरकार के इस फैसले का पंजाब की राजनीति पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। किसान आंदोलन मंे पंजाब और हरियाणा के किसानों का ही योगदान सबसे ज्यादा था। इसीलिए केन्द्र सरकार मंे शामिल पंजाब के शिरोमणि अकाली दल ने साथ छोड़ दिया था। हरसिमरत कौर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद मंे बीएसएफ को ज्यादा अधिकार देने का मामला भी शिरोमणि अकाली दल ने उठाया था। इसी तरह कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह स्वयं ट्रैक्टर रैली कर चुके थे। उन्होंने किसानों को कांग्रेस के साथ जोड़ रखा था। नवजोत सिद्धू को लेकर कैप्टन का विरोध बढ़ा और उन्होंने कांग्रेस छोड़कर नयी पार्टी बना ली है। वे चुनाव में भाजपा का साथ देने की बात भी कह चुके हैं। खुलकर साथ इसीलिए नहीं दे रहे थे कि किसानों का आंदोलन जारी था। अब वह कह रहे हैं कि भाजपा के साथ आने मंे कोई गुरेज नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिद्धू भी मोदी के इस कदम का स्वागत कर रहे हैं। राज्य में एक तीसरा पक्ष आम आदमी पार्टी का है। इस पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल भी सरकार के कदम का स्वागत कर रहे हैं। इसलिए शिरोमणि अकाली दल और कैप्टन अमरिंदर सिंह का साथ भाजपा को मिल सकता है जो चैथे स्थान से काफी ऊपर उठ सकती है। मोदी का यह फैसला पंजाब की राजनीति में काफी बड़ा परिवर्तन कर सकता है।
मोदी सरकार की ओर से पिछले साल लागू किए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में पंजाब के किसान थे। वहीं, इस आंदोलन ने सबसे ज्यादा उथल-पुथल मचाई। मोदी सरकार की ओर से 19 नवम्बर को गुरुनानक जयंती पर कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ट्वीट कर इस घोषणा पर खुशी जताई। कांग्रेस से अलग हो चुके वरिष्ठ नेता ने गुरु नानक जयंती के मौके पर काले कृषि कानूनों को वापस लेने पर पीएम मोदी का आभार जताया। अमरिंदर सिंह ने कृषि आंदोलन के दौरान कई बार प्रधानमंत्री मोदी और सरकार में शीर्ष के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की थी। कैप्टन ने अपने ट्वीट में लिखा कि बेहतरीन खबर! मैं पीएम मोदी का आभारी हूं कि उन्होंने गुरुनानक जयंती के पवित्र अवसर पर हर पंजाबी की मांग को रखते हुए 3 काले कानूनों को वापस ले लिया। मैं आशान्वित हूं कि केंद्र सरकार किसानों के विकास के लिए आगे काम करती रहेगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीते अगस्त में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और उनसे कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया था। पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें दो अलग-अलग पत्र भी सौंपे थे। इस पत्र में उन्होंने तीन कृषि कानूनों की तत्काल समीक्षा और रद्द करने का आह्वान करते हुए कहा था कि इन तीनों कानून को लेकर पंजाब और अन्य राज्यों में किसानों के बीच व्यापक आक्रोश है। साथ ही किसानों को उन लोगों की श्रेणियों में शामिल करने की मांग की थी जो मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के योग्य हैं। बता दें कि सरकार ने किसान नेताओं से कई चरणों में बातचीत की थी। हर बार सरकार का यही कहना था कि वो कानूनों में संशोधन कर देगी लेकिन उन्हें वापस नहीं करेगी।
पंजाब के कद्दावर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे किसान मोर्चा के सत्याग्रह को मिली ऐतिहासिक कामयाबी का परिणाम बताया है। पंजाब राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने ट्वीट में लिखा, काले कानूनों को रद्द करना सही दिशा में एक कदम।किसान मोर्चा के सत्याग्रह को ऐतिहासिक सफलता मिली। आपके बलिदान का यह परिणाम है। पंजाब में एक रोड मैप के माध्यम से खेती को पुनर्जीवित करना पंजाब सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। गौरतलब है कि देश के नाम अपने संबोधन में पीएम ने इनकानूनों को वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि हमारी सरकार किसानों के हित में हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून छोटे किसानों की मदद के लिए लाए गए थे।
तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पास हुए एक साल पूरे हो गए हैं। 17 सितंबर, 2020 को किसानों के हितों के मद्देनजर नरेंद्र मोदी सरकार ने 3 केंद्रीय कृषि कानून पास किए थे। इस बीच तीनों कृषि कानूनों को पास हुए एक साल पूरे होने पर शिरोमणि अकाली दल ने काला दिवस मनाया।
शिरोमणि अकाली दल की अगुवाई में संसद तक एक मार्च भी निकाला। मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग हुई थी, जिससे जगह-जगह रास्ते बंद रहे। नई दिल्ली में तो धारा 144 लागू कर दी गई थी। ऐसे में लोगों को जगह-जगह जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर दिल्ली पुलिस ने 11 अकाली कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया था। अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने रकाबगंज गुरुद्वारा से संसद भवन तक मार्च निकाला है। इस मार्च में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और अकाली दल नेता सुखबीर सिंह बादल भी शामिल हुए। मार्च में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने भी शिरकत की थी। शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने तिकुनिया कांड में काल कवलित हुए लवप्रीत के घर जाकर परिवारीजन से मुलाकात की और शोक जताया। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को न्याय मिलने तक सहयोग देने व मदद करने का भी आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री रही हरसिमरत कौर बादल ने किसानों की हत्या को घृणित बताते हुए प्रदेश सरकार पर लापरवाही से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जबतक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते हैं तब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सकता है। उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए मुआवजे को भी अपर्याप्त बताया। पंजाब में सीमा सुरक्षा बलके अधिकार क्षेत्र के विस्तार को लेकर की शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध किया था। सुखबीर सिंह ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चंडीगढ़ राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है। अब, प्रधानमंत्री मोदी की तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा से पंजाब की राजनीति का परिदृश्य ही बादल गया है। शिरोमेण अकाली दल और कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के साथ खड़े हो सकते हैं।
उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल कहते हैं इन कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों ने आंदोलन करते हुए अपने 700 से ज्यादा भाईयों को खोया, उन सभी किसानों का बलिदन अमर रहेगा। केजरीवाल ने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियां यह याद रखेंगी कि किस तरह देश के किसानों ने किसानी और किसानों को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी थी। इसका किसानों पर कोई असर नहीं दिख रहा है क्योंकि उन्होंने मोदी की घोषणा का स्वागत किया है। (हिफी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com