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चलो वृद्धाश्रम

चलो वृद्धाश्रम 

देखो हमनें जी ली जिंदगी
अब बच्चों का जमाना है
रहने दो बच्चों को संग 
कहां वृद्धों का अब जमाना है।।

महंगाई की दुहाई दे बस जतलाना है।।
मात पिता बोझ समझ वृद्धाश्रम 
का रास्ता बस सता दिखाना है।।

चलो दुख अधिक नहीं मुझे आज
ये तो भविष्य में बच्चों को समझ आना है
तुम हो ना मेरे संग सनम मेरे
तुम्हारे संग ही मिल मुझे मरते 
दम़ तक जी कर मुस्कुराना है।।

समझाती हूं तुम्हें हमसफर मैं
वृद्धाश्रम चलो हमें जाना है।।2।।

वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र
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