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हिंदी भारत के माथा की विन्दी

हिंदी भारत के माथा की विन्दी 

फतुहा- प्रेम यूथ फाउंडेशन एवं नेहरू युवा केन्द्र पटना के तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन एनपीएस क्लासेज फतुहा में किया गया । समारोह का उद्घाटन प्रख्यात साहित्यकार रामयतन यादव ने किया उन्होंने हिंदी को भारत के माथा का बिंदी बताया । हिंदी आज स्थापित होने के लिए हिंदुस्तान में ही संघर्ष कर रहा है । वहीं गांधीवादी प्रेम जी ने कहा कि हिंदी सम्पर्क भासा के साथ साथ प्रेम की भासा है । हिंदी को रोजी रोटी से जोड़ना होगा । उन्होंने अफसोस जताते हुये कहा कि न्यायालय आज भी फैसला हिंदी में नही लिख रहा है न ही चिकित्सक दवा का नुख्सा हिंदी में है । हिंदी विश्व मे सबसे अधिक बोले जाने बाली भासा है । भारत सरकार हिंदी को राष्ट्र भासा का दर्जा दे । इस मौके पर आंनद कुमार पाठक, हिमांशु गौतम,श्याम सुंदर केसरी,मनोज सिन्हा,फिरोज गांधी,दिलीप कुमार,राहुल कुमार,विक्रांत राज,रवि प्रकाश पांडेय,हिमांशु शर्मा,सौरभ कुमार, कार्यक्रम का संचालन विजय वत्स ने किया धन्यवाद ज्ञापन इं अविनाश कुमार ने किया । वही दूसरी ओर वाणी पुस्कालय फतुहा में हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें प्रथम स्थान आराध्या कुमारी, दूसरा स्थान रजनी कुमारी एवं तीसरा स्थान पिंकी कुमारी को प्राप्त हुआ । इस मौके पर डॉ दयानन्द प्रसाद सिंह, विकाश कुमार ने भी विचार प्रकट किया ।
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