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कैसी यह विपदा आई है

कैसी यह विपदा आई है

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कैसी यह विपदा आई है
लड़ता भाई से भाई है
मद भरे यहां सब ऐसे हैं
मतवाले हाथी जैसे हैं
ना सास बहू में है बनता
नित ससुर पतोहू में ठनता
लड़ते हैं भाई बहन ऐसे
इक दूजे के दुश्मन जैसे
भाई जस लगे कसाई है
कैसी यह विपदा आई है
सब निज कुटुंब से हैं ऊबे
स्वारथ में सब के सब डूबे
भाईचारा अब नहीं यहां
है प्रेम मोहब्बत कहो कहां
अपने अपनों को लूट रहे
सब रिश्ते नाते टूट रहे
घर भरे यही सबका सपना
जिससे हो लाभ वही अपना
सबमें यह सनक समाई है
कैसी यह विपदा आई है
ना मात पिता का मोल यहां
सब कुछ है गोल मटोल यहां
जिससे जिसका है काम सधे
बस उसका ही है बोल यहां
रे मानव थोड़ा सोचो तू
धन नहीं किसी का मोचो तू
सब यही धरा रह जाएगा
बस पुण्य साथ में जाएगा
समझो यह तो सच्चाई है
कैसी यह विपदा आई है
धनंजय जयपुरी
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