Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

करते नैन मटक्के हैं

करते नैन मटक्के हैं 

बस बातों के लच्छे हैं

कितने वादे सच्चे हैं 

सुबह शाम अनमन बैठे 
कहते हैं दिन अच्छे हैं 

 हड़प कर रहे हैं वे सब
बैठे चोर-उचक्के हैं 

जिनका काम बन गया तो
देते सबको गच्चे हैं 

हरिश्चंद्र लगता तो है 
पर झूठों के चच्चे हैं 

प्रगति हुई बस फाइल पर
सड़कों पर तो दच्चे हैं 

जब भी मौका मिलता है  
करते नैन मटक्के हैं 

खुद को समझदार समझे
हमको समझें  बच्चे हैं

उनको मज़ा चखाना,जय
किए इरादे पक्के हैं 
             *
दिनांकः13 फरवरी 2021
~जयराम जय 
'पर्णिका',11/1,कृष्ण विहार,आवास विकास,
कल्याणपुर,कानपुर-208017(उ.प्र.) 
दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ