बेड़ा पार कर(हिन्दी ग़ज़ल)
मेरा निवेदन स्वीकार कर।
आ मुझे खुलकर प्यार कर।१।
दूर रहकर उलझाना बातों में-
यूं अपने सपने मत बेकार कर।२।
ये काजल,गजरा और बिंदिया-
मुझे दिखाकर न बेकरार कर।३।
देख देखकर दिल मचलता है-
मदहोश नयनों से मत मार कर।४।
यदि दिल में हमारा अरमान है-
तो मेरा हाथ पकड़ इजहार कर।५।
ये 'मिश्रअणु' तो तेरा दीवाना है-
इस प्रेम पयोधी से बेड़ा पार कर।६।
--:भारतका एक ब्राह्मण.
©संजय कुमार मिश्र 'अणु'
वलिदाद अरवल (बिहार)
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