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चलो हम आज महफिल में हौसले की बात करते हैं

चलो हम आज महफिल में हौसले की बात करते हैं

चलो हम आज महफिल में हौसले की बात करते हैं,
पेड़ पर पंक्षियों के बने घोसले की बात करते हैं।

भोर होते ही उड़ जाते नीले आंसमा की जानिब,
और चहचहाते बढ़ते हुये काफिले की बात करते हैं।

फिरंगियों को कैसे नाकों तले चने चबाने पड़े थे,

झांसी की रानी की तलवार के जलजले की बात करते हैं।

निर्भया के दंरिदे कैसे फांसी तक जा पहुंचे,
मां आशा के साहसी कदम के मामले की बात करते हैं।

सीमा पार दमकती रहीं मूछें अभिनंदन की,
घुसते मिग-21 के मुहतोड़ हमले की बात करते हैं।

कोरोना के संक्रमण में किसका समर्पण है जारी,
कोरोना वारियर्स के अविराम सिलसिले की बात करते हैं।

राजेश लखेरा, जबलपुर।
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