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सदर अस्पताल में लड़का के जन्म पर 1000 और लड़की पर 500 रुपए की अवैध वसूली

सदर अस्पताल में प्रसव कराने के लिए आने वाली गर्भवती या उनके परिजनों से नजराना के नाम पर रुपए की जबरन वसूली होती है। जबकि अस्पताल प्रबंधक ने कहा कि हम अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकते हैं। बुधवार को दैनिक भास्कर संवाददाता ने सदर अस्पताल में प्रसव वार्ड का पड़ताल किया जिसमें डिस्चार्ज होकर जाने वाली प्रसूति व परिजन से नजराना मांगने की बात सामने आई।

तीन नदी पार कर अमौसी से प्रसव कराने सदर अस्पताल आई सुधा देवी व उनकी सास सावित्री देवी ने बताया कि अमौसी से नाव व बाइक के सहारे आना पड़ा। अस्पताल में कोई परेशानी तो नहीं हुई, मगर खुश पांच सौ रुपए देना पड़ा। बछौता की अंसुला प्रवीण व उनकी सास सवीना देवी ने कहा कहते सुनते तीन सौ रुपए देना पड़ा।

एम्बुलेंस कर्मी भी चाय-पानी के नाम पर करते हैं वसूली

प्रेगनेंसी अवधि शुरू होने क साथ ही नजराना वसूले जाने का खेल शुरू हो जाता है। बताते चलें कि पहले चेकअप के नाप पर भी अस्पतालकर्मियों के द्वारा अस्पताल में कुछ न कुछ नजराना वसूल लिया जाता है। वहीं प्रसव बाद डिस्चार्ज होकर घर पहुंचने तक भी नजाराना को खेल समाप्त नहीं होता है। डिस्चार्ज होने वाली प्रसूताओं के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सुविधा है, इसके बावजूद एंबुलेंस सेवा के नाम पर चालक बख्शीस के नाम पर सौ दो सौ वसूल ही लेते हैं। अस्पताल सूत्रों की माने तो प्रसूताओं को घर से लाने व घर तक पहुंचाने के क्रम में एम्बुलेंस कर्मी भी चाय- पानी या मिठाई के नाम पर रूपए वसूल लेते हैं।

बुधवार को पांच लड़की ने लिया जन्म

सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष में वसूली की राशि पैदा होने वाले बच्चे के उपर निर्भर करता है। बिल्कुल नॉर्मल अवस्था वाले से पांच सौ की मांग की जाती है। जो ज्यादा तकलीफ में है उससे ज्यादा रुपए मांगे जाते है। जबकि डीलेवरी के बाद लड़का होने पर कम से कम एक हजार और लड़की होने पर पांच से सात सौ रुपए बख्शीस के नाम पर वसूला जाता है।

लापरवाह बयान : ये सब तो चल ही रहा है

प्रसव कक्ष में ये सब तो चल ही रहा है। इसमें ज्यादा बोलने पर दिक्कत हो जाती है। मामले में हम अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकते हैं। हमलोगों का प्रयास रहता है कि कहीं कोई भी धांधली नहीं हो और कहीं से कोई शिकायत नहीं मिले। फिर भी ऐसा होता है तो गलत है।
-शशिकांत कुमार, अस्पताल प्रबंधक



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सदर अस्पताल में प्रसव के बाद बाहर निकलतीं प्रसूता और उनके परिजन।


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/khagaria/news/1000-recovery-on-birth-of-boy-and-500-rupees-on-girl-in-sadar-hospital-127791750.html

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