अतिथि व्याख्याता पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया |

आज दिनांक 03-09-2020 को अतिथि व्याख्याता संघ द्वारा द्वारा सुबह 10 बजे सत्तारूढ़ दल के कार्यालय के माध्यम से बिहार सरकार द्वारा बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अतिथि व्याख्याता समायोजित करने की मांग को लेकर पुनः पटना पहुँचे थे लेकिन जेडीयू कार्यालय पे सूचना दी गई कि आप अपनी मांगों को मुख्यमंत्री आवास कार्यालय के माध्यम से रखे । हजारों की संख्या में अतिथि व्याख्याता स्वयं हस्ताक्षरित समायोजित मांगपत्र लेकर जा रहे थे उसी समय सचिवालय गेट के पास पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कर दिया जिसमे दर्जनों अतिथि व्याख्याता घायल हुए जिसमें डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ गौतम कुमार, डॉ राजीव जोशी , डॉ कौशलेंद्र कुमार , डॉ राजेश कुमार चौधरी, डॉ बच्चा रजक है । छः गिरफ्तार किए गए है जिसमे डॉ गुंजन कुमार , डॉ मुकेश निराला ,डॉ आमोद प्रबोधि, डॉ प्रेमरंजन, डॉ इम्तियाज डॉ प्रमोद कुमार है। उसके बाद सैकड़ो अतिथि व्याख्याता ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय का घेराव किया । उस समय बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी उपस्थित थे । प्रवक्ता डॉ. सुमंत राव ने कहा कि हम अतिथि व्याख्याता अपनी समायोजित करने की मांगों को लेकर सरकार को अवगत करा रहे थे की हम अतिथि व्यख्याता की बहाली यू.जी.सी के मापदंडों के अनुसार हुई है। जिस मापदंडों के अनुसार बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अध्यापकों की बहाली हुई है उसी मापदंड के अनुरूप हम अतिथि व्याख्याता की बहाली हुई है । बहाली में जिस प्रकार से नियमित व्याख्याता की बहाली के लिए विज्ञापन निकाला जाता है । उसके बाद ऑनलाइन अप्लाई कराया जाता है एवं शुल्क जमा कराया जाता है उसके बाद ओपन साक्षात्कार कराया जाता है । और उसके आधार पर मेघा सूची तैयार कर चयन किया जाता है। उसी प्रकार से हम अतिथि व्याख्याता की भी बहाली हुई है। इसी मांग को लेकर 26 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौपा गया था और एक सप्ताह का समय देकर वार्ता का समय देने की बात कही थी जिसका समय सीमा समाप्त होने पर आज पुनः पटना आए थे । बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से कहना चाहेंगे की आपके द्वारा हमेशा अभिभाषण में कहा जाता है कि हम न्याय के साथ विकास करना चाहते हैं तो हम भी तो न्याय मांगने के लिए ही आपके यहां आए थे मुझे क्या मिला लाठी से पीटकर न्याय देने की बात की है मेरे साथ क्या यही आपका न्याय व्यवस्था है । अगर वर्तमान सरकार में अपनी मांग को रखने के लिए लाठी से मार कर उसके आवाजों को दबाया जाता है । क्या यही है बिहार की न्याय व्यवस्था, खुद को न्याय प्रिय कहने वाले मुख्यमंत्री जी से मैं पूछना चाहूंगा कि क्या मांग मांगने वाले को लाठी ही मिलेगा कि उनकी मांग पर विचार भी किया जाएगा। इस राज्यव्यापी आंदोलन में बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा से डॉ सुमंत राव, डॉ राजीव जोशी, डॉ ब्रजेश सिंह , डॉ बाबुल रहमान, डॉ अनुजा कुमारी ,डॉ रफत परवेज, डॉ .राघवेंद्र कुमार , डॉ राजेश्वर राय डॉ. ब्रमदेव यादव,डॉ अरुण रमण, साधना कुमारी । पूर्णिया विश्वविद्यालय से डॉ अनिल सिंह,डॉ अजय राम , संत जी ।पटना विश्वविद्यालय पटना से डॉ विद्यानंद विधाता , डॉ राजकमल , कुंदन कुमार । ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से डॉ बच्चा कुमार रजक, डॉ कौशलेंद्र कुमार डॉ राजेश कुमार चौधरी, डॉ राजा साहू, डॉ रमण ठाकुर ।डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर से डॉ चंदन कुशवाहा, दीपक कुमार , डॉ गीतांजलि , डॉ प्रिंयका कुमारी , डॉ प्रीति कुमारी , डॉ रिजवाना खातून । कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय से डॉ अनु मुख्य रूप थे ।
दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com
0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews