हवा का रुख बदल रहा है

मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"।
हवा का रुख बदल रहा है
संभल कर चलना पथिक
तेज आँधियों में कहीं
उड़ न जायें सपने तेरे।
कैद करने को आतुर हैं
मछुआरे नदी के तीर पर
बंसी में चेरा लगाये जोह रहे हैं बाट
तेरे आने की पानी की सतह पर।
पाँव जमाये रखना
तब तक जमीं पर तुम
जब तक तूफान का दौर
थम न जाये।
अमावश की रात से
पूनम की चाँदनी तक
पहुँचने में वक्त लगता है
धीरज की लौ कहीं बूझने न पाये।
.....मनोज कुमार मिश्र"पद्मनाभ"।
दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews