हमारे संवाददाता सुबोध सिंह की खास रिपोर्ट
कोरोना संक्रमण का सबसे बुरा असर होटल, क्लब और रेस्टारेंट कारोबार पर पड़ा है । आज ५५ दिन से
लगातार लॉक डाउन जारी है और लगता है अगर महीना, 15 दिन में लॉकडाउन खत्म भी हो जाएगा तो भी इनके हालात सुधरने
में महीनों लग जाएंगे। दरअसल कोरोना संक्रमण के भय की वजह से कुछ महीने तो यहां
आने जाने की घोषित पाबंदी रहेगी, जबकि इसके बाद कई महीने तक लोग अघोषित तौर पर दूरी बनाकर रखेंगे। सामने दिख
रहे हालात से इन व्यवसाय से जुड़े कारोबारी चिंतित हैं। कारोबारी खुद मानते हैं कि
तीस मई के बाद लॉकडाउन खुलता भी है तो
कोविड-19 के प्रभाव से बाहर आने में कम से कम एक वर्ष
का समय लग सकता है।
कारोबार में 40 फीसदी तक आएगी गिरावट
कारोबारियों का मानना है कि होटल, क्लब और रेस्टारेंट कारोबार में अगले एक वर्ष तक कम से कम 40 फीसदी तक गिरावट रहेगी। हाल फिलहाल कारोबार का पुराने
स्वरूप में आना मुश्किल होगा। इसके दो कारण हैं। एक तो लोग खुद ही बाहर जाकर खाने
से परहेज करेंगे। बहुत ही जरूरी मौकों पर वे निकलना चाहेंगे। इस वजह से भी लोगों
की आवक कम रहेगी। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत अनिवार्य होगा। ऐसे
में रेस्टोरेंट में जितने लोगों के बैठने की क्षमता है, उसमें कम से कम एक बार में 50 फीसदी की कटौती स्वत: हो जाएगी। जब एक बार में निर्धारित
क्षमता से कम लोग बैठेंगे तो कारोबार पर असर पड़ेगा ही।
इसी बीच आज सुबह पटना के छोटे रेस्टोरेंट व्यवसायियों ने पटना के
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, बेकारी की मार झेल रहें छोटे
रेस्टोरेंट व्यवसायियों ने आज प्रदर्शन किया | प्रदर्शन कर रहे रेस्टोरेंट मालिकों ने
बताया कि इनके के पास सारे मानक और लाइसेंस होने के बाद भी इन्हें रेस्टोरेंट को
खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है. इस मामले को लेकर एसडीएम
पटना सदर तनय सुल्तानिया ने कहा कि इनके पास एफएसएससीआई के लाइसेंस नहीं हैं. ये लोग दूसरे के लाइसेंस पर
रेस्टोरेंट चला रहे है. ऐसे लोगों को अनुमति नहीं
दी जा सकती है. जबकि व्यापारियों ने बताया
कि हमारे पास सभी प्रकार के कागजात है सरकार सिर्फ परेशान करने का कार्य क्र रही
है | पिछले ५५ दिनों की लॉक डाउन ने हमारा जीवन दुश्वार कर दिया है कोरोना संक्रमण को लेकर लगे
लॉकडाउन ने लोगों के हालात को काफी हदतक बदल दिया है। सबसे ज्यादा असर व्यवसाय, होटल, दैनिक मजदूर सहित दुकानदारों पर पड़ा है। जिसने लोगों के
कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। लेकिन हालात भी ऐसे है कि लोग अब इस बात को
मान रहे हैं कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लंबी है। यह एक ऐसी लड़ाई है, जहां रूकने वाले की जीत होनी है। इस
उम्मीद लिये कई लोग अब लॉकडाउन व शारीरिक दूरी का पालन करते हैं। पिछले दिनों
सरकार ने लॉक डाउन ४ में इन्हें कुछ राहत देने की बात की तो इन लोगों को लगा की
कुछ हालत सुधरेंगे | लॉक डाउन के पूर्व तक बंटी जी की होटल काफी बेहतर स्थिति में
चल रही थी। अपने स्वभाव व भोजन व्यवस्था के साथ चलते इन्हें ग्राहक की कमी नहीं
रहती थी आधा दर्जन कर्मी सहित खुद मिलकर बेहतर ढंग होटल चला रहे थे। इस बीच केंद्र
व राज्य सरकार ने 25 मार्च को लॉक डाउन की घोषणा
कर दी। जिसमें अन्य दुकान सहित होटल को भी बंद रखने का आदेश दिया गया। इसके बाद से
होटल पूरी तरह बंद है। लगभग आधा दर्जन कर्मी भी बेरोजगार हो गये जिन्हें जाते वक्त
होटल मालिक पगार भी दे दी ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो और आज भी संपर्क में है कब
होटल खुलने की अनुमति मिलेगी। इधर होटल व्यवसाय ठप होने के बाद आज बंटी जी ने कहा
कि लॉक डाउन के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है कारोबार ठप रहने से लाखों का नुकसान
हुआ है। कर्मी बेरोजगार है वे भी बैठ हुए है ऐसे में सरकार भी हमलोगों का साथ न
देकर उलटे परेशान करने पर तुली है | वर्तमान हालात में गंभीर चुनौती है ऐसे में
कुछ कठिनाई के साथ लोगों को नियम का पालन कर लेना है बेहतर है। हम इंतजार कर रहे है कि कब लॉक डाउन खुले और अपने
पुराने कारोबार की ओर लौट सके उम्मीद पर दुनिया टिकी है उम्मीद है बुरा दौर भी
जल्द ही खत्म हो जायेगा। लेकिन बिहार की सरकार ने बड़े रेस्टोरेंट को खोलने की
अनुमति और छोटे रेस्टोरेंट को अनुमति नही देने का कार्य कर रही है जो
दुर्भाग्यपूर्ण है |
होटल व्यवसाय से जुड़े रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि
डिलीवरी ब्वॉय को मुकम्मल सुरक्षा के साथ खाना डिलीवर करने के लिए हम लोग तैयार
हैं. इसके बावजूद जिला प्रशासन रेस्टोरेंट्स को खोलने की इजाजत नहीं दे रहा है. इससे
हमारे सामने अब जीविका चलाने की समस्या उत्पन्न हो रही है.
'बिना जांच के ऑनलाइन सप्लाई निरस्त किया'
अनुमंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे रेस्टोरेंट
संचालकों ने बताया कि उनके रेस्टोरेंट में भी डिलीवरी ब्वॉय को मुकम्मल सुरक्षा के
साथ खाना डिलीवर करने के लिए हम सब तैयार हैं. इसके बावजूद जिला प्रशासन
रेस्टोरेंट को खोलने की इजाजत नहीं दे रहा है. प्रदर्शन कर रहे हैं रेस्टोरेंट
मालिकों ने आरोप लगाया कि उनके रेस्टोरेंट में जिला प्रशासन के किसी अधिकारी की ओर
से जांच नहीं की गई और बिना किसी आधार के ही उनके रेस्टोरेंट में ऑनलाइन फूड
सप्लाई करने की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गयादिव्य रश्मि
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