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मदर्स डे

 मदर्स डे


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            गिरीन्द्र मोहन मिश्र ,
                 फ़ोटो जर्नलिस्ट ,
                    जी.एम.ईस्टेट 
                    10.50.2020
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जो जन्म देकर पुरा करती है  अरमान, 
वो माँ को मेरा हर दिन हर पल प्रणाम.

गर्भवती हो कष्ट झेलती महसूसती शान,
जन्म देकर प्रकृति की करती है सम्मान. 

प्रकृति की करिश्मा हो ज्ञान की भंडार ,
तेरे वजह से बसा है ब्रह्मांड व  सन्सार. 

देने की प्रवृत्ति ने तुझे बनाया  है महान, 
माँ महिमा समझने के लिए नहीं है ज्ञान.

अपार शक्ति के वजह से हो सर्वाधारक,
पाप पुण्य समेटती प्रकृति की निर्धारक.

मातृशक्ति नहीं समझता हूँ  मैं अज्ञानी, 
ज्ञान का वरदान दे दो हे माँ  कल्याणी.

मेरे कारण दु:ख झेलती रहती मुस्कुराती,
वंश सन्चालन कर फ़र्ज़ अपना निभाती.

कभी नहीं अदा कर सकता तेरा ये कर्ज़,
अदा करने का तरीका बता मेरा ये फ़र्ज़.

सब भूलों की माफ़ी की है अदम्य शक्ति,
जी.एम.नमन करता स्वीकार ले ये भक्ति.

" मदर्स डे " के रुप में आज दिन है विशेष,
आँचल छाँव सदा रखना माँ जननी विशेष.
दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |

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