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श्रीराम पर भोजपुरी में कविता

श्रीराम पर भोजपुरी में कविता

डॉ अनमोल कुमार

अवध में बाजे बधइया, राम लला अइले,
कौशल्या के गोदिया में, सूरज अस चमकेले।
राम नाम के महिमा बा, बड़हन अपरम्पार,
एक नाम से तर गइले, शबरी अउर अहिल्या के द्वार।
धनुषवा उठा के जनकपुर में, सीता के मन भइले,
राम-सिया के जोड़ी देखि, सगरी लोग हरषइले।
पिता के वचन खातिर, राजमहल छोड़ दिहले,
चौदह बरिस बन में जाके, धर्म के राह धर दिहले।
केवट के नइया पर चढ़ के, गंगा पार भइले,
निषादराज के गले लगाके, भाई के नाता जोड़ दिहले।
रावण के घमंड तोड़ के, सीता के लानि ले अइले,
अयोध्या में दीया जरल, दीपावली मनवल गइल।
राम त रहले मर्यादा के, सबसे बड़हन नाम,
भोजपुरिया माटी कहे, बोलो जय श्री राम।
जय श्री राम !
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