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नई दुग्ध संग्रहण समितियों के गठन में लाई जाए तेजी : डीएम

नई दुग्ध संग्रहण समितियों के गठन में लाई जाए तेजी : डीएम

  • पशुपालकों को डीबीटी के माध्यम से मिलेगा भुगतान, सितंबर तक 115 नई समितियों के गठन का लक्ष्य

पटना। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने पटना जिले में सुधा डेयरी की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नई दुग्ध संग्रहण समितियों के गठन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुधा डेयरी के कार्यों का विस्तार इस प्रकार किया जाए कि जिले के अधिक-से-अधिक पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके तथा दुग्ध उत्पादन और विपणन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

समीक्षा बैठक में सुधा डेयरी, पटना के प्रबंध निदेशक ने बताया कि जिले में 115 नई दुग्ध संग्रहण समितियों के गठन की योजना पर कार्य चल रहा है। इनमें से अब तक 50 समितियों का गठन किया जा चुका है, जबकि शेष समितियों का गठन सितंबर 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 812 सक्रिय दुग्ध संग्रहण समितियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 86 हजार लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। नई समितियों के पूरी तरह कार्यरत होने के बाद प्रतिदिन दूध संग्रहण बढ़कर 95 हजार लीटर तक पहुंचने का अनुमान है।

डीबीटी के माध्यम से होगा भुगतान


बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को उनके दूध का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि अगस्त माह से 295 समितियों के सदस्यों को डीबीटी के जरिए भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चरणबद्ध तरीके से जिले की सभी दुग्ध समितियों के किसानों को इसी व्यवस्था के तहत भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

दुग्ध प्रसंस्करण एवं शीतकरण सुविधाओं का विस्तार


समीक्षा के दौरान बताया गया कि पटना जिले में वर्तमान में पालीगंज, आनंदपुर (मनेर), फतुहा और बेलछी में चार बल्क मिल्क कूलिंग स्टेशन संचालित हैं। वहीं फुलवारीशरीफ में 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला आधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र कार्यरत है। इस संयंत्र के अंतर्गत संचालित आइसक्रीम यूनिट की उत्पादन क्षमता का भी विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा जगदेव पथ स्थित सुधा कैटल फीड प्लांट भी पशुपालकों की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोरजिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने कहा कि सुधा डेयरी से जुड़ी समितियों का विस्तार और उनकी कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने से जिले में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि हजारों पशुपालकों की आय में भी सीधा सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने का निर्देश दिया।

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