सिंध को भारत में शामिल करने की मांग, प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर, 14 अगस्त 2026
सिंध को भारत में पुनः शामिल किए जाने की मांग को लेकर भारतीय जन महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को संस्था के अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए सिंध को भारत में वापस शामिल करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में भारतीय राष्ट्रगान की पंक्ति “पंजाब सिंध गुजरात मराठा…” का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राष्ट्रगान में सिंध का नाम भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। संस्था का कहना है कि राष्ट्रगान की इस पंक्ति को पूर्ण अर्थों में तभी साकार किया जा सकेगा, जब सिंध पुनः भारत का हिस्सा बनेगा।
विभाजन के संदर्भ में उठाया भूमि का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में 1947 के भारत विभाजन का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन के समय पाकिस्तान के गठन के लिए मुस्लिम आबादी के अनुपात में भूमि निर्धारित की गई थी। ज्ञापन में दावा किया गया है कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में मुसलमान भारत में ही रह गए। भारतीय जन महासभा का तर्क है कि ऐसी स्थिति में उन लोगों के हिस्से की भूमि भी पाकिस्तान में चली गई, इसलिए उस भूमि को सिंध के रूप में भारत को वापस लेने की मांग न्यायसंगत है।
संस्था ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि सिंध को भारत में शामिल करने के प्रश्न पर गंभीरता से विचार किया जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे न केवल राष्ट्रगान में उल्लिखित सिंध की ऐतिहासिक स्मृति को पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि उनके अनुसार विभाजन से जुड़े भूमि संबंधी प्रश्न का भी समाधान संभव हो सकेगा।
राष्ट्रगान और राष्ट्रीय एकता का दिया हवाला
ज्ञापन में कहा गया कि सिंध का उल्लेख केवल राष्ट्रगान की एक पंक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से इस विषय को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने की अपील की।
भारतीय जन महासभा ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक प्रश्नों पर व्यापक चर्चा तथा दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। संस्था का मानना है कि सिंध के संदर्भ में उठाई गई मांग को इसी व्यापक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार के अलावा शिव शंकर पाल, राम अवतार अग्रवाल, विनय कुमार शर्मा, पी. के. श्रीवास्तव, अभिषेक बजाज, शिवात्मा तिवारी, पूजा कुमारी, संतोष कुमार गनेड़ीवाला सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाते हुए अपेक्षा जताई कि केंद्र सरकार इस विषय पर आवश्यक विचार-विमर्श करेगी और सिंध को भारत में शामिल करने की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उचित मंच पर उठाएगी।
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