Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

शॉर्ट फिल्म "यहाँ कौन है मेरा" की शूटिंग पूरी, सामाजिक रिश्तों की संवेदनशील कहानी लेकर आएगी फिल्म

शॉर्ट फिल्म "यहाँ कौन है मेरा" की शूटिंग पूरी, सामाजिक रिश्तों की संवेदनशील कहानी लेकर आएगी फिल्म

पटना। सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हिंदी शॉर्ट फिल्म "यहाँ कौन है मेरा" की शूटिंग एवं निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह फिल्म आधुनिक समाज में बदलते पारिवारिक संबंधों, अकेलेपन और अपनेपन की तलाश जैसे संवेदनशील विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगी।

फिल्म के लेखक एवं निर्देशक पंकज मिश्रा हैं, जिन्होंने समाज की वास्तविक परिस्थितियों को कहानी के माध्यम से पर्दे पर उतारने का प्रयास किया है। फिल्म की परिकल्पना (कॉन्सेप्ट) प्रांशु शुभम द्वारा की गई है, जिन्होंने एसोसिएट डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी निभाई है। वहीं साहिल मिश्रा ने लाइन प्रोड्यूसर के रूप में फिल्म निर्माण की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला।

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी का दायित्व चार्ली दा एवं जे.पी. ने निभाया है। दोनों कैमरा कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट तकनीक और कलात्मक दृष्टि से कहानी के भावों को जीवंत बनाने का प्रयास किया है। मेकअप की जिम्मेदारी अमज़द ने संभाली, जबकि लोकेशन सहयोग सुजीत कुमार लाल द्वारा प्रदान किया गया।

फिल्म के गीत भी पंकज मिश्रा द्वारा लिखे गए हैं। संगीत निर्देशन प्रज्वल अग्रवाल ने किया है तथा अपनी मधुर आवाज़ से गीतों को पवन अग्रवाल ने स्वरबद्ध किया है। फिल्म का संगीत इसकी भावनात्मक गहराई को और अधिक प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

फिल्म में कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अभिनय किया है। मुख्य कलाकारों में रवि मिश्रा, सुभाष चंद्रा, आज़ाद शक्ति, विवेक ओझा, मृगांक, सुजीत कुमार लाल एवं ए.बी. लाल शामिल हैं। कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों को जीवंत बनाने के लिए गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य किया है।

निर्देशक पंकज मिश्रा ने बताया कि "यहाँ कौन है मेरा" केवल एक मनोरंजक फिल्म नहीं, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करने वाली कहानी है। फिल्म वर्तमान समय में रिश्तों की बदलती परिभाषा, परिवारों में बढ़ती दूरियों और मानवीय संवेदनाओं के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दर्शक इस फिल्म से भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करेंगे।

फिल्म निर्माण से जुड़े सभी सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि यह शॉर्ट फिल्म दर्शकों के बीच एक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में सफल होगी और समाज में रिश्तों एवं मानवीय मूल्यों के प्रति नई सोच विकसित करेगी। फिल्म जल्द ही विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की जाएगी।"यहाँ कौन है मेरा" अपने शीर्षक की तरह ही एक ऐसे प्रश्न को सामने लाती है, जिसका उत्तर आज का समाज तलाश रहा है-आख़िर विपरीत परिस्थितियों में वास्तव में अपना कौन होता है? यही प्रश्न इस फिल्म की आत्मा है और दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का सामर्थ्य रखता है।


हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ