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शादी एक यज्ञ है

शादी एक यज्ञ है

संजय जैन
आज कल लड़की वालों ने
शादी-ब्याह को व्यापार बना लिया।
पहले तो लड़के वाले अपने
बेटे की बोली लगवाते थे।
पर अब समय बदल गया है
इसलिए लड़कीयाँ सौदा कर रही है।
और खुदका वर चुनने के लिए
पहले बातचीत वो कर रही है।।

जो कष्ट पहले के दौर में
लड़कियों को होती था।
वो सब कष्ट अब देखो
लड़को को होने लगी है।
ठोक बजाकर देखा परखी
अब लड़को की होने लगी है।
क्योंकि लड़कियाँ खुद निर्णय
आज कल जो लेने लगी है।।

आज के दौर में लड़कियाँ
ज्यादा पढ़ लिख रही है।
जिसके कारण उनकी सोच
लड़को से ऊपर चल रही है।
इसलिए लड़को की शादी होना
बहुत कठिन होता जा रहा है।
जबकि लड़कियों की करना
अब उतना कठिन नही है।।

परिवर्तन का दौर अपनी भूमिका
आज कल बहुत निभा रहा है।
अधिकार दायित्व के नाम का
बहुत गुणगान कर रहा है।
इसलिए परिवारों की शांति
धीरे धीरे मिटती जा रही है।
क्योंकि संस्कारों की बलि
आधुनिकता के नाम पर चढ़ रही है।।

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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