Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

राजीव गांधी का बलिदान प्रतिरोध और प्रगतिशील भारत की प्रेरणा देता रहेगा : डॉ. विवेकानंद मिश्र

राजीव गांधी का बलिदान प्रतिरोध और प्रगतिशील भारत की प्रेरणा देता रहेगा : डॉ. विवेकानंद मिश्र

गया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर गया शहर के स्थानीय डॉ. विवेकानंद पथ, गोल बगीचा में श्रद्धांजलि सभा एवं स्मृति समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भावनात्मक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों, बुद्धिजीवियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

समारोह की अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी डॉ. विवेकानंद मिश्र ने की। इस अवसर पर उन्होंने राजीव गांधी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि राजीव गांधी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माण का दूरदर्शी सपना देखने वाले युवा नेतृत्व के प्रतीक थे। उनका बलिदान आज भी देशवासियों को अन्याय, असमानता और पिछड़ेपन के विरुद्ध संघर्ष तथा प्रतिरोध की प्रेरणा देता है।

डॉ. विवेकानंद मिश्र ने अपने भावुक संबोधन में कहा कि राजीव गांधी का सरल स्वभाव, सौम्य व्यक्तित्व और वैज्ञानिक सोच उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती थी। उन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का जो सपना देखा था, उसमें तकनीक, शिक्षा, संचार और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा गया था। उस समय कंप्यूटर और सूचना तकनीक को लेकर लोगों में कई प्रकार की आशंकाएं थीं, लेकिन राजीव गांधी ने दूरदृष्टि का परिचय देते हुए देश में तकनीकी क्रांति की नींव रखी। आज भारत जिस डिजिटल युग में आगे बढ़ रहा है, उसकी आधारशिला राजीव गांधी की नीतियों और सोच में दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती देने, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और देश को आधुनिक सोच से जोड़ने की दिशा में राजीव गांधी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। डॉ. मिश्र ने भावुक स्वर में कहा कि “राजीव गांधी का सपना केवल सत्ता का नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत का था जहां गांव, गरीब, किसान, युवा और आम नागरिक सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। दुर्भाग्यवश उनका असमय बलिदान देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बन गया। कई बार ऐसा महसूस होता है कि हम उनके सपनों और आदर्शों से दूर होते जा रहे हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है।”

उन्होंने अपनी निजी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राजीव गांधी जैसे संवेदनशील और प्रगतिशील नेता विरले ही जन्म लेते हैं। उनके विचारों में आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय था। आज की राजनीति में वैसी शालीनता, संवाद की संस्कृति और राष्ट्रहित की व्यापक सोच का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजीव गांधी के विचारों को पढ़ें, समझें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आएं।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर राजीव गांधी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। सभा में आचार्य सचिदानंद मिश्र, आचार्य लाल भूषण मिश्रा, याज्ञिक शंभू यादव, कविता देवी, राजपति देवी, सर्वजानंद मांझी, तिवारी जी, विक्रम कुमार, राम जतन प्रसाद, बबिता देवी, निर्मला देवी, प्रिंस कुमार, प्रेम जी कुमार, कंचन देवी, अजर हुसैन, सुनीता देवी, रूदल राय, सचिदानंद प्रसाद, मृदुला मिश्रा, रूबी देवी, मनीष कुमार, डिंपल कुमारी, ज्ञानेश भारद्वाज, तस्लीम, नुसरत जहां, गुड़िया देवी, प्रीति कुमारी, सोनू मिश्रा सहित अनेक लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और राजीव गांधी के योगदान को याद किया।वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी का जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार और विकास की सोच आज भी प्रासंगिक हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण के लिए मार्गदर्शन देती रहेंगी।


हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ