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ज्ञान भवन में जूट उद्योग का महाकुंभ: स्थापना दिवस समारोह में जुटे देशभर के विशेषज्ञ, किसानों को मिला सम्मान

ज्ञान भवन में जूट उद्योग का महाकुंभ: स्थापना दिवस समारोह में जुटे देशभर के विशेषज्ञ, किसानों को मिला सम्मान

पटना, 2 अप्रैल 2026।
राजधानी पटना के ज्ञान भवन में राष्ट्रीय पटसन बोर्ड एवं भारतीय पटसन निगम लिमिटेड के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय भव्य समारोह ने जूट उद्योग की संभावनाओं को नई ऊर्जा दी। कार्यक्रम में देशभर से वैज्ञानिक, किसान, उद्यमी और अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे यह आयोजन जूट क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संगम बन गया।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार सरकार के कृषि  मंत्री राम कृपाल यादव  सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पुस्तक का लोकार्पण किया गया तथा “लखपति दीदियों” को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जूट न केवल पर्यावरण के अनुकूल फाइबर है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार भी बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार जूट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिससे किसानों और श्रमिकों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जूट उत्पादों का अधिकाधिक उपयोग करें।

मुख्य अतिथि राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार में जूट आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने, निवेश आकर्षित करने और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जूट उद्योग छोटे और मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय जूट बोर्ड के सचिव शशि भूषण सिंह ने संस्था की 15 वर्षों की उपलब्धियों को साझा करते हुए जूट उत्पादन और नेटवर्क पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं जूट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय कुमार पाणिग्रही ने जूट उद्योग की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार रखे।

यह आयोजन न केवल जूट उद्योग के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में भी एक प्रभावी पहल साबित हुआ।
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