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जहरीली शराब का कहर: बिहार में 7 की मौत, 15 की आंखों की रोशनी गई, प्रशासन हरकत में

जहरीली शराब का कहर: बिहार में 7 की मौत, 15 की आंखों की रोशनी गई, प्रशासन हरकत में

श्याम नाथ श्याम की रिपोर्ट

पटना/मोतिहारी, 4 अप्रैल 2026
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद एक बार फिर जहरीली शराब ने भयावह रूप ले लिया है। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 15 लोग अंधेपन का शिकार हो गए हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

घटना का विस्तार

यह हृदयविदारक घटना मोतिहारी जिले के रघुनाथपुर, तुरकौलिया और हरसिद्धि थाना क्षेत्रों में सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से बनाई गई शराब का सेवन करने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ ही घंटों में कई लोग गंभीर हालत में पहुंच गए।
मृतकों की पहचान

जहरीली शराब से जान गंवाने वालों में शामिल हैं:

  • चंदू कुमार
  • प्रमोद यादव
  • परीक्षण मांझी
  • हीरालाल भगत
  • लाल किशन
  • संपत शाह
  • लड्डू साह

इन सभी की मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
अंधेपन के शिकार और अस्पताल में भर्ती

करीब 15 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई, जिससे उनका जीवन अंधकारमय हो गया है।
पुलिस द्वारा सभी पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां:

3 लोगों की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है


अन्य का इलाज जारी है

डॉक्टरों के अनुसार, जहरीले रसायन के कारण आंखों की नसों पर गहरा असर पड़ा है।
प्रशासनिक कार्रवाई

घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:

तुरकौलिया थाना अध्यक्ष उमाशंकर मांझी को निलंबित कर दिया


कई चौकीदारों पर भी कार्रवाई की गई
मुख्य आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नागा राय को गिरफ्तार कर लिया है।
उसके पास से:

करीब 700 लीटर स्पिरिट (शराब बनाने में प्रयुक्त) बरामद किया गया

नागा राय की निशानदेही पर पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
SIT का गठन

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने:

विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है


अवैध शराब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है
बड़ा सवाल: शराबबंदी के बावजूद कैसे?

यह घटना एक बार फिर कई सवाल खड़े करती है:

शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब कैसे बन रही है?


प्रशासनिक स्तर पर कहां चूक हो रही है?

क्या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत है?
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने:

मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की


दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई
मोतिहारी की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अवैध शराब का कारोबार अब भी सक्रिय है। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी भयावह रूप ले सकती हैं।

(दिव्य रश्मि न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट)
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