Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

विश्व गौरैया दिवस पर विलुप्त होती चुलबुली पक्षी को समर्पित

विश्व गौरैया दिवस पर विलुप्त होती चुलबुली पक्षी को समर्पित

✍️ डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश"
नन्ही सी चिड़िया, प्यारी गौरैया,
कभी आंगन करती थी ताताथैया।
छतों पे चहकती, दानों को चुगती,
हर सुबह को तुम मधुरता से सजती।


अब वो कलरव कहीं खो सा गया है,
शहरों का शोर तुमको डरा गया है।
पेड़ों की छाँव, वो कच्चे मकान,
सब छिन गए तुमसे, सूना है जहान।


तारों का जाल और कंक्रीट की दीवार,
कैसे बसाओगी तुम अपना परिवार ?
ना दाना बचा, ना पानी की धार,
कैसे जिएगी तू, ओ नन्ही सरकार!


आओ मिलकर प्रण ये उठाएँ,
गौरैया को फिर से घर बुलाएँ।
छोटे से पात्र में जल भर देंगे,
आँगन में दाने रोज़ बिखेर देंगे।


बगीचे लगाएँ, प्रकृति सजाएँ,
हर छत पर उसका घर बनवाएँ।
फिर लौटेगी वो चींचीं वाला तान,
गूँजेगा फिर से तेरा आँगन-जहान।


नन्ही सी चिड़िया, हमारी पहचान,
गौरैया है प्रकृति का अभिमान।
आओ बचाएँ इस प्यारे जीवन को,
दें फिर से उसको खुला आसमान।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ