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मुजफ्फरपुर में पत्रकारों हेतु पीआईबी द्वारा आज एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला "वार्तालाप" का हुआ आयोजन

मुजफ्फरपुर में पत्रकारों हेतु पीआईबी द्वारा आज एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला "वार्तालाप" का हुआ आयोजन

प्रविष्टि तिथि: 24 MAR 2026 6:14PM by PIB Patna

पत्र सूचना कार्यालय (PIB), पटना द्वारा आज मुजफ्फरपुर में स्थानीय पत्रकारों के लिए “कृषि विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका: विकसित भारत @ 2047” विषय पर एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन मुजफ्फरपुर (नगर) के विधायक रंजन कुमार द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े मीडियाकर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुजफ्फरपुर (नगर) विधायक रंजन कुमार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आईसीएआर–राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक विकास कुमार दास, पीआईबी एवं सीबीसी के उपनिदेशक लौकिक पारख उपस्थित रहें। साथ ही, अतिथि वक्ता के रूप में देवेंद्र प्रसाद (एआरओ, रसायन, मिट्टी जांच प्रयोगशाला), आभा कुमारी (जिला उद्यान पदाधिकारी), चंद्रदीप कुमार (सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण), विनोद कुमार सिंह (उप परियोजना निदेशक, आत्मा) ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उनके प्रभाव एवं “विकसित भारत” के लक्ष्य की प्राप्ति में उनकी भूमिका पर पत्रकारों को जागरूक करना था। इसके साथ ही कृषि आधारित तकनीकी नवाचार, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, ड्रोन तकनीक एवं सरकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार में मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नगर विधायक रंजन कुमार ने पीआईबी के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर अपने शाही लीची के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। जिले में लीची प्रोसेसिंग इकाइयों के विस्तार का भी उल्लेख किया।


कार्यक्रम में विकास कुमार दास, निदेशक, आईसीएआर–राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर द्वारा लीची उत्पादन में प्रूनर मशीन का उपयोग, पेड़ों की ऊँचाई को नियंत्रित करना तथा ड्रोन के माध्यम से छिड़काव आदि विषय पर विस्तृत चर्चा किया गया।

देवेंद्र प्रसाद, सहायक अनुसंधान अधिकारी, मिट्टी जांच प्रयोगशाला, मुजफ्फरपुर ने मृदा स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जैविक खाद के उपयोग और नियमित मृदा परीक्षण पर विशेष बल दिया।

आभा कुमारी, जिला बागवानी अधिकारी, मुजफ्फरपुर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप एवं स्प्रिंकलर प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डाला तथा योजना के लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

चंद्रदीप कुमार, सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, मुजफ्फरपुर ने कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कम लागत में प्रभावी छिड़काव संभव है तथा इसके लिए DBT बिहार पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।

विनोद कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक, आत्मा (ATMA) ने लीची और मधुमक्खी पालन (शहद उत्पादन) के परस्पर संबंध पर विशेष बल दिया। साथ ही, उन्होंने लीची के संरक्षण हेतु आधुनिक फल पकाने वाले कक्ष (फ्रूट राइपनिंग चैंबर) के उपयोग की सलाह दी।


कार्यशाला के दौरान एक वन-टू-वन प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित पत्रकारों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे और उनके समाधान प्राप्त किए।

कार्यक्रम का संचालन पीआईबी के अभिनव कुमार एवम धन्यवाद ज्ञापन प्रकाश कुमार सिंह द्वारा किया गया। मौके पर विभाग के ज्ञान प्रकाश, संदीप कपूर और मुकेश कुमार उपस्थित रहे।

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