Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

तारणहारी गौ माता

तारणहारी गौ माता

रमाकांत सोनी सुदर्शन
ऋषि मुनियों से पूजित है तारणहारी गौ माता।
रोम रोम में देव बसे कामधेनु हमारी गौ माता।
ग्वाल बाल संग मोहन प्यारे गाय चराने जाते थे।
दूध की बहती धारा माधव माखनमिश्री खाते थे।


गऊ माता की चरण रज से घर पावन हो जाता।
गौ माता की सेवा से सदा सुख का सावन पाता।
घर से बेघर हुई गौ माता दर-दर भूखी भटके।
संस्कार घर से गायब है मुखिया का मुंह लटके।

क्यों संतान सामने बोले मात पिता अब डरते हैं।
केवल धन के पीछे भागे मोह माया पर मरते हैं।
कट रही गायें अगणित लाचार बेबस बेचारी।
दया धर्म हुआ तिरोहित मनुज मति गई है मारी।

स्वार्थ के मद में अन्धे श्रद्धा भक्ति को क्या जाने।
भवसागर से पार करा दे गौ शक्ति को क्या जाने।
नित उठ गौ दर्शन करें गोविंद कृपा नर पाता है।
गौघृत ज्योति बढ़ाएं हवन सुखदायी हो जाता है।

देवी की ज्योत जगे नित्य गोबर की थेप बनाते हैं।
नागों के काट निशाने पे गोबर का लेप लगाते हैं।
पापों से मुक्ति देती है करुणामयी हमारी गौ माता।
सुख समृद्धि भंडार भरे दयामयी हमारी गौ माता।


रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ