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सरस्वती वंदना

सरस्वती वंदना

जय प्रकाश कुवंर
आज २३ जनवरी २०२६ वसंतपंचमी का दिन है। वसंतपंचमी के दिन विद्या की देवी माता सरस्वती का पूजन किया जाता है और आज से वसंतोत्सव आरंभ होता है। माँ सरस्वती ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी हैं, इसलिए गाँव देहात में आज के दिन ढोलक पर ताल ठोक कर हर्ष उल्लास से फाग गाने का आरंभ होता है। आज के दिन विद्यार्थी माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आज घर घर में मीठे पकवान बनाये जाते हैं और लोग एक दूसरे को अबीर लगाते हैं और पकवान खाते हैं।
माता सरस्वती के स्वरूप को वर्णन करता हुआ यह श्लोक आज के दिन स्मरण और वंदन किया जाता है जो उनके भक्तों को अज्ञान रूपी अंधकार से निकाल कर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है :-
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणा- पुस्तक धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्। हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्,
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्।।
आपको शत् शत् नमन् माँ🙏🙏

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