स्वर्ण मंदिर में बेअदबी चिंताजनक
(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पंजाब में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला चिंता का विषय बनता जा रहा है। समझ में नहीं आता कि जिन दो युवकों की कथित तौर पर अपवित्रता के लिए हत्या कर दी गयी, उनके इरादे क्या थे? सरसरे तौर पर तो लगता है कि उन युवकों से कोई भूल हो गयी और वे यह नहीं जानते थे कि स्वर्ण मंदिर के उस हिस्से में नहीं जाना चाहिए। उन युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी तो यह माॅब लिंचिंग की एक और कुप्रथा सामने आयी है। इसकी धमक लंदन तक पहुंची। वहां की एक सांसद ने जिस प्रकार प्रतिक्रिया जतायी, उसे भी किसी प्रकार से स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह हमारे देश के मामले में सीधा हस्तक्षेप है। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने इसका कडे़ शब्दों में प्रतिवाद किया और कहा कि भारतीय उच्चायोग इस बात से चिंतित है कि एक विदेशी सांसद ने सद्भाव और शांति बिगाड़ने वाली टिप्पणी की है। हालांकि पंजाब में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ने से भी चिंता उत्पन्न हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने तो अपनी ही सरकार को इस मामले पर चेतावनी दे दी है। मुख्यमंत्री चरण जीत सिंह चन्नी के हाल ही में हुए कथित बेअदबी के दोनों मामलों की जांच कराने की प्रक्रियसाा शुरू कर दी है। सरकार के बेअदबी पर उम्र कैद की सजा का कानून बनाने की मांग राष्ट्रपति से की है।
ब्रिटेन की पहली सिख महिला सांसद प्रीत कौर गिल को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने के संबंध में किए गए ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सांसद ने अपने ट्वीट को हटा दिया। गिल ने ट्वीट में स्वर्ण मंदिर में व्यक्ति की हत्या के पीछे एक ‘हिंदू आतंकवादी’ का हाथ होने की ओर इशारा किया था। कथित तौर पर ‘अपवित्रता’ के लिए पीट-पीटकर मार डाला गया व्यक्ति आंतरिक गर्भगृह में घुस गया था, जहां पर गुरु ग्रंथ साहिब रखा गया था। इस व्यक्ति को वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पकड़ लिया और फिर पीट-पीटकर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई। ब्रिटिश आव्रजन अधिवक्ता हरजाप भंगल स्वर्ण मंदिर में हुई कथित बेअदबी की घटना संबंधी वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। लेबर पार्टी की सांसद प्रीत कौर गिल ने उनके इस संदेश पर सहमति जतायी कि यह स्पष्ट रूप से एक आतंकी घटना थी। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा, ‘भारतीय उच्चायोग भारतीय कानून प्रवर्तन प्राधिकरण द्वारा जांच या टिप्पणी या उनकी खोज की घोषणा करने से पहले ही भारत में हुए अपराध के बारे में ब्रिटिश संसद के एक सदस्य द्वारा सार्वजनिक टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘भारतीय उच्चायोग इस बात से चिंतित है कि एक विदेशी सांसद की इस तरह की टिप्पणी से ब्रिटिश भारतीय समुदाय में अंतर-सांप्रदायिक सद्भाव और शांति पर असर पड़ सकता है।’
हाल ही में पंजाब में दो ‘बेअदबी’ के मामले सामने आए हैं, जिसकी वजह से राजनीतिक गलियारों में भी बयानों का सिलसिला जारी है। साथ ही पंजाब के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और कपूरथला के एक गुरुद्वारे में कथित बेअदबी को लेकर दो लोगों की हत्या के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को अलर्ट जारी किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इन मामलों की निंदा की है। बेअदबी के मामलों से पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था फिर से खबरों में हैं। ऐसे में सवाल है कि बेअदबी का घटनाएं क्या हैं और सिख धर्म के लिए इसके क्या मायने हैं। साथ ही जानते हैं ‘बेअदबी’ से जुड़ी हर एक बात, जिनकी वजह से पंजाब पूरे देश में खबरों में हैं। हाल ही में निजामपुर गांव में एक गुरुद्वारे में ‘निशान साहिब’ (सिख धार्मिक ध्वज) का अनादर करने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी गई। ग्रामीणों और सिख संगठनों के सदस्य उस व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ भिड़ गए, जिसमें एक एसएचओ समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इससे पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में कथित तौर पर बेअदबी का प्रयास करने वाले उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति की गुस्साई भीड़ ने पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बेअदबी का मतलब किसी भी धार्मिक वस्तु के साथ छेड़छाड़ करना या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना। सिख धर्म में धार्मिक वस्तुएं जैसे गुरु ग्रंथ साहिब, निशान साहिब समेत पगड़ी, कृपाण या धार्मिक चीजों का असम्मान, उनके साथ छेड़छोड़ या उन्हे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना बेअदबी कहा जाता है।
दरअसल, सिख धर्म में आखिरी गुरू गुरू गोविंद सिंह के बाद गुरू ग्रंथ साहिब को ही जीवित गुरू माना गया है और इसलिए इससे संबंधित हर चीज पवित्र है। अब इससे जुड़ी हर चीज का असम्मान बेअदबी माना जाता है और इससे सबसे बड़ा अपराध माना जाता है। इस अपराध के लिए किसी को भी क्षमा नहीं है। कहा जाता है सिखों के सातवें गुरु- गुरु हरराय ने अपने बेटे राम राय का ही बहिष्कार कर दिया था, जो कि अपने पिता के उत्तराधिकारी बनने के दावेदार थे। इसकी वजह यह थी कि राम राय ने मुगल शासक औरंगजेब को खुश करने के लिए गुरु ग्रंथ साहिब के कुछ वाक्यों से छेड़छाड़ कर उसके शब्द बदल दिए थे। बेअदबी के मामलों को लेकर 2015 में एक बिल पास किया गया था, जिसमें एक धारा जोड़कर गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने पर आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया था। इसमें संशोधन भी किए गए और 2018 में कांग्रेस सरकार ने भी विधेयक पास किया, जिसमें आजीवन कारावास की बात कही गई है। हालांकि, अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। पंजाब के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और कपूरथला के एक गुरुद्वारे में कथित बेअदबी को लेकर दो लोगों की हत्या के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पंजाब के तमाम धार्मिक स्थलों, डेरों, मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय ने अलर्ट किया है कि पंजाब में धार्मिक भावनाओं को भड़काने की नापाक योजना “देश विरोधी” तत्वों द्वारा की जा रही है। (हिफी)
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