बाल संरक्षण एवं अधिकार से समाज का विकास संभव
जहानाबाद । अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस के अवसर पर सच्चिदानंद शिक्षा एवं समाज कल्याण संस्थान की ओर से आयोजित बाल संरक्षण एवं अधिकार विषय संगोष्टी के पर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि बाल संरक्षण और अधिकार से समाज का विकास संभव है । संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों में अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस व इंटरनेशनल चिल्ड्रेन डे 20 नवंबर 1954 को सार्वभौमिक बाल दिवस के रूप में बाल अधिकारों को समर्पित दिन के रूप में मनाया गया था । बाल अधिकारों में सबसे प्रमुख अधिकार जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार माने जाते हैं । अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता को बढ़ावा देना, दुनिया भर में बच्चों के बीच जागरूकता और बच्चों के कल्याण के लिए काम करना है. विश्व बाल दिवस को बच्चों के अधिकारों की वकालत करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है. बच्चें ही हमारा भविष्य हैं, लेकिन अगर बच्चें अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे तो एक बेहतर दुनिया का निर्माण नहीं किया जा सकेगा । हमारी पीढ़ी को ये मांग करनी चाहिए कि सरकार, व्यवसाय और समुदायों के नेता अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें और अब बाल अधिकारों के लिए कार्रवाई करें. यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए कि हर बच्चे को, हर अधिकार प्राप्त हो । अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस व इंटरनेशनल चिल्ड्रेन डे सबसे पहले सन 1954 में 20 नवंबर को मनाया गया था. इस बाल अधिकारों को अपनाया गया था. बाल अधिकारों को चार अलग-अलग भांगों में बांटा गया है - जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार और विकास का अधिकार. के है । भारत में 14 नवंबर को मनाया जाता है बाल दिवस भारत में बाल दिवस देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवंबर को मनाया जाता है. पंडित नेहरू बच्चों को बेहद प्यार करते थे और यही कारण है कि बाल दिवस उनकी जयंती के मौके पर मनाया जाता है । बाल दिवस 1 जून को चीन में , 4 अप्रैल को , पाकिस्तान में , 1 जुलाई, को अमेरिका में , जून के दूसरे रविवार को ब्रिटेन में 30 अगस्त, जापान में 5 मई, पश्चिमी जर्मनी में 20 सितम्बरऔर 14 नवंबर को भारत में को बाल दिवस मनया जाता हैं । विश्व बाल अधिकार दिवस पर समाज बल संरक्षण और अधिकार के लिए कार्य करे ताकि भावी समाज का विकास कर सके । इस अवसर पर संस्थान के कार्यक्रम पदाधिकारी पप्पू कुमार , उर्वशी ने बल अधिकार पर विचार दिए ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com