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बंगरा बाजार ,भाटपार रानी ,देवरिया के मैदान में गूंजा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम

बंगरा बाजार ,भाटपार रानी ,देवरिया के मैदान में गूंजा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम

बखरी इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं के द्वारा बखरी बाजार होते हुए बंगरा गाँव और बंगरा गांव से पुनः बंगरा बाजार के मैदान तक वंदे मातरम के जय घोष के साथ एक मार्च निकाला गया । भाटपार रानी  के एसडीएम व अन्य अधिकारी भी मार्च में शामिल हुए । बंगरा बाजार के मैदान में पंक्ति बद्ध होकर बच्चों ने राष्ट्रीय गीत गाया  साथ ही  उपस्थित सभी अधिकारी,  क्षेत्र के लोगों ने भी उन बच्चों के साथ राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाया । बंगरा बाजार में एक सभा भी की गई जहाँ एडीएम देवरिया, आपूर्ति अधिकारी, सुलह अधिकारी नेता जयनाथ कुशवाहा युवा नेता व्यास यादव, अभिजीत यादव, बंगरा गांव के ग्राम प्रधान संदीप यादव भाजपा के मंडल पदाधिकारी, क्षेत्र के मीडिया प्रभारी व क्षेत्र की गणमान्य जनता उपस्थित थी ।सभा के दौरान सबसे पहले समाजसेवी वेद प्रकाश तिवारी ने आज के कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला और चौरी चौरा के शहीदों को याद करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की । बच्चों ने उन शहीदों की याद में अनेक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। टेलीविजन के माध्यम से इस कार्यक्रम के महत्व को देश में चल रहे कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और समस्त नागरिकों को अवगत कराया गया । भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 4 फरवरी, 1922 को गोरखपुर से पश्चिम करीब 20 किलोमीटर दूर चौरी-चौरा में एक घटना घटी। इस घटना की वजह से महात्मा गांधी को अपना आंदोलन वापस लेना पड़ा था। तब के इतिहासकारों ने इतिहास का रुख मोड़ देने वाली इस घटना को कोई खास तवज्जो नहीं दिया। नामचीन इतिहासकारों की किताबों में चंद लाइनों में इस घटना का जिक्र है। आजादी के बाद भी किसी ने इस भूल को सुधारने की कोशिश नहीं की। देश की स्वाधीनता के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूलने वालों, आजीवन करावास की सजा पाने वालों और अंग्रेजों के जुल्म के शिकार लोगों को शहीद और स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा पाने में वर्षों लग गए। चार फरवरी 2021 से शुरू और साल भर चलने वाले चौरी-चौरा के शताब्दी वर्ष पर पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उनकी सरकार चौरी-चौरा शहीदों और उनके परिजनों को वह सम्मान दे रही है जिसके वह हकदार हैं।
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