पटना में गंगा बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण का मामला उठाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
पटना में गंगा बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण का मामला उठाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। पटना के रहने वाले अशोक कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने 30 जून, 2020 को यह याचिका खारिज कर दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि गंगा के बाढ़ क्षेत्र में बिहार के एक महामहिम राज्यपाल ने तो चौक थाना, पटना सिटी के चिमनी घाट पर गुरूद्वारा के निर्माण के लिए गंगा की जमीन ही दे दी। हमारे वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी इसी गंगा की जमीन पर बगल में पर्यटन केंद्र ही बनवा दिया। अब तो गंगा की जमीन पर शहर ही बसने लगा है।
मालूम हो कि पिछले वर्ष पटना सिटी में गंगा के किनारे गंगा की जमीन पर ही टेंट सिटी बनाकर सिख यात्रियों को ठहराया गया। अटूट लंगर चला और सभी यात्रियों के जूठन और मल-मूत्र को गंगा में बहाया गया। गंगा न केवल प्रदूषित हुई बल्कि अपवित्र होकर मैली भी हुई और गंगा में आस्था रखने वालों की भावनाएं आहत हुई।
अब तो चिमनी घट पर बने गुरुद्वारा के बगल में स्थाई लंगर हाल का निर्माण कर स्थाई रूप से गंगा को प्रदूषित करने का इन्तजाम कर दिया जा रहा है। कहां गई केंद्र सरकार की राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण का गंगा और उसे प्रदूषण से बचाने की योजना? राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण
अपने उद्देश्यों में बुरी तरह असफल रही है। जिन उद्देश्यों को लेकर इसका गठन हुआ, उसका निर्वाह यह उचित तरीके से नहीं कर रही है। उल्लेखनीय कि सरकार ने चिमनी घाट को अघोषित रूप से कंगन घाट कर दिया है ।
अब आगामी 24फरवरी 2021को चिमनी घाट पर स्थापित गुरूद्वारा के वगल में लंगर हाल, सराय के साथ स्कूल का शिलान्यास होने जा रहा है जो अगले साल गुरूपर्व के पहले तैयार किए जाने की योजना है।
पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने बिहार सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की है। राकेश कपूर ने बताया कि 2017 में इस संबंध में कलकत्ता जाकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण को पत्र के माध्यम से सूचित किया था। पटना उच्च न्यायालय ने गंगा के प्रदूषण का मामला होने की वजह से राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के पास जाने का आदेश दिया था।
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