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भारतीय जन क्रन्तिदल ने मनाया वीर सावरकर की ५५ वी पुण्यतिथि |

भारतीय जन क्रन्तिदल ने मनाया वीर सावरकर की ५५ वी पुण्यतिथि |

आज दिनांक २६ .०२.२०२१    को अपराह्न २  बजे भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय कार्यालय चाँद पुर बेला , पटना में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के नेत्रित्व में क्रांतिकारी वीर-सपूत विनायक सावरकर जी की ५५ वी पूण्यतिथि मनाई गई | पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी की और से श्रधांजली सभा का आयोजन किया गया| इस  सभा में  पंडित विनायक दामोदर सावरकर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रधान्जली दी गई | कार्यक्रम का संचालन पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डा. पुरुषोतम कुमार ने किया, कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र ने कहा कि सावरकर जी के बारे में बहुत सी ऐसी  बातें है जो बहुतही कम लोगों को पता हैं जैसे की

आजाद हिंद फौज की स्थापना करने वाले रास बिहारी बोस वीर सावरकर के मित्र थे । वो दोनों ही हिंदू महासभा में थे और यहीं से उनका परिचय हुआ था ।माना जाता है कि रास बिहारी बोस को ब्रिटेन के खिलाफ सशस्त्र अभियान के लिये प्रेरित करने वाले सावरकर ही थे ।  आजाद हिंद फौज के सुप्रीम कमांडर का पद सँभालने से ठीक पहले सुभाष चंद्र बोस... सावरकर से मिलने के लिए बंबई में सावरकर के घर गए ।  1925 में दशहरा के दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई । स्थापना से ठीक 6 महीने पहले डॉ हेडगेवार सावरकर से मिले थे । माना जाता है कि सावरकर की प्रेरणा से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई ।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश के कई क्रांतिकारी वीर-सपूतों की याद आज भी हमारी रुह में जोश और देशप्रेम की एक लहर पैदा कर देती है. एक वह समय था जब लोग अपना सब कुछ छोड़कर देश को आजाद कराने के लिए बलिदान देने को तैयार रहते थे और एक आज का समय है जब अपने ही देश के नेता अपनी ही जनता को मार कर खाने पर तुले हैं. देशभक्ति की जो मिशाल हमारे देश के क्रांतिकारियों ने पैदा की थी अगर उसे आग की तरह फैलाया जाता तो संभव था आजादी हमें जल्दी मिल जाती. वीरता और पराक्रम की कहानी हमारे देश के वीर क्रांतिकारियों ने रखी थी वह आजादी की लड़ाई की विशेष कड़ी थी जिसके बिना आजादी मिलना नामुमकिन था.

श्रधांजलि सभा में पार्टी के, प्रदेश अध्यक्ष डॉ पुरुषोतम कुमार, दिलीप कुमार , लक्ष्मण पाण्डेय , संतोष कुमार , डॉ रजीव रंजन, उत्तम कुमार आदि उपस्थित थें|
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