Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

जिस घर से उठनी थी बेटी की डोली वहां से उठी माता-पिता की अर्थी

नारायणपुर|सड़क हादसे में चकरामी के दंपति की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। परिजन कह रहे थे कि जिस घर से कुछ माह बाद बेटी की डोली उठनी थी वहां से पति-पत्नी की अर्थी उठी। मृतक अरविंद मंडल के भतीजा प्रीतम कुमार ने बताया कि चाचा-चाची बहन सुमन की शादी फाइनल करने मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र के बोचाही गांव जा रहे थे। कौन जानता था कि उनकी लाश लौटकर आएगी। बड़ी बेटी सुमन का रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रही थी कि हम मम्मी-पापा के बिना कैसे रहेंगे।

वहीं बेटे शिवम व आशीष का भी बुरा हाल था। जब दो अर्थी घर से निकली तो ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार गंगा घाट पर किया गया। परिजनों ने बताया कि अरविंद घर से 50 हजार रुपए लेकर बेटी की शादी तय करने निकले थे। दुर्घटना के बाद जब पुलिस पहुंची तो पर्स से रुपए गायब थे। जदयू नेता पिंटू यादव ने बताया कि बगल में ठेला पर आम बेचने वाला ही सबसे पहले मृतक के पास पहुंचा था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
The daughter's dolly was raised from the house from which parents


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/the-daughters-dolly-was-raised-from-the-house-from-which-parents-127468985.html

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ