उत्तर प्रदेश अंतर प्रांतीय शिक्षा माफिया का सनसनीखेज कारनामा उजागर, अवैध नियुक्ति कर लाखों का घोटाला।
देवरिया। अंतर प्रांतीय शिक्षा माफिया के कारनामा में नित्य- प्रति नयी- नयी विसगतिया एवं सन- सनी खेज मामला उजागर हो रहा है। बताया जाता है कि घनश्याम शाही उर्फ भरत शाही प्रबंधक ऋषि राज देवराहा बाबा जूनियर हाई स्कूल सरौरा विकास खण्ड+ जिला - देवरिया ने अपने साले अखिलेश पाल पिता यदुनाथ पाल को लिपिक पद पर कर्मचारी नियुक्ति नियमावली में वर्णित प्रावधानों की अनदेखी कर पक्षपात पूर्ण अवैध नियुक्ति किया है इतना ही नहीं सलग्न प्राइमरी स्कूल में अपने साले के पुत्र सुगम पाल को सहायक शिक्षक पद पर गैरकानूनी रूप से नियुक्त किया है जिसमें वेतन मद में धनराशि का भुगतान किया जा रहा है जिससे राजकोष की अपूरणीय क्षति हो रही है
प्रमुख समाज सेवी एवं शिक्षा विद सुरेश चंद्र पांडेय (त्यागी) प्रवक्ता बिहार राज्य शिक्षक महासंघ (34540) पटना ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया (उत्तर प्रदेश) को शिकायत पत्र देकर जांच कर कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है
सनद रहे कि ऋषि राज देवराहा बाबा जूनियर हाई स्कूल सरौरा विकासखंड+ जिला देवरिया एवं उग्रसेन लघु माध्यमिक विद्यालय शाहपुर पुरैनी जिला देवरिया के प्रबंधकों द्वारा फर्जी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर अवैध बहाली किया गया था जिसकी जांच एस टी एफ गोरखपुर द्वारा किया जा रहा था। जांच के दौरान अभिलेखों में कूट रचना कर वेतन एरियर मद में 96लाख 76 हजार 42 रुपया का गवन किये जाने की घटना उजागर हुई है। इस मामले में दोनो विद्यालय के प्रबंधक को जांच के दायरे में लाया गया है ध्यातब्य है कि इन्हीं दोनों विद्यालय में से एक ऋषि राज देवरहा बाबा जूनियर हाई स्कूल व सलंगन प्राइमरी स्कूल के प्रबंधक घनश्याम शाही उर्फ़ भरत शाही ने अपने सगे संबंधियों की अवैध नियुक्ति कर कानून के आंख में धूल झोका है । प्रबंधकीय विद्यालय में प्रबंधक नियुक्ति अधिकारी होते हैं। नियुक्ति हेतु रिक्ति का विज्ञापन समाचार पत्र में निकाले जाने तथा अभ्यार्थियो से प्राप्त आवेदन पत्र में सलग्न शैक्षिक - प्रशैक्षिक प्रमाण- पत्र के आधार पर मेधा सूची प्रकाशित कर सर्वाधिक अंक प्राप्त अभ्यर्थी को चयन करने का प्रावधान है, किसी भी हालत मे सगे संबंधियों की निपुक्ति नहीं किया जाना है परंतु घनश्याम शाही उर्फ भारत शाही द्वारा नियम कानून को ताख पर रखकर अपने साले को (लिपिक) तथा साले के पुत्र को सहायक शिक्षक पद पर बहाल कर वेतन भुगतान कर राजकोष की क्षति पहुंचाई जा रही है ।
प्रबंधकीय व्यवस्था के तहत बेसिक विद्यालयों में प्रबंधक के द्वारा की गई बहाली पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि अनुदानित(एडेड ) विद्यालयों में नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया प्रबंधक स्तर से होती है । बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रबंधक के कार्यवाही के आधार पर अनुमोदन देता है। सत्यापन की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधक की होती है।" ऐसे में देखना है कि इस अवैध नियुक्ति की जवाबदेही प्रबंधक पर मुकर्रर कर कानूनी कार्रवाई की कौन सी प्रक्रिया अपई जा रही है अनुदानित(ऐडेड) विद्यालयों में 17 फर्जी नियुक्तियों की जांच के मामले के तहत नौकरी कर रहे एक शिक्षक की फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोप में गोरखपुर शाहपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर एस टी एफ ने मामले का खुलासा किया था। पूछताछ में इसने 2 विद्यालयों में 17 शिक्षकों की फर्जी प्रमाण पत्र नियुक्ति की जानकारी दी थी जिसके बाद एस टी एफ ने शाहपुर थाना में मुकदमा दर्ज करा कर मामला पुलिस को सौंप दिया था अब मामले की जांच गोरखपुर पुलिस कर रही है ।
अब सवाल खड़ा हो रहा है कि इन्हीं दोनों विद्यालयों में से एक ऋषिराज देवराहा बाबा जूनियर हाई स्कूल सरौरा (देवरिया) में पुनः अवैध नियुक्ति का मामला उजागर हुआ है। इसे अभी उक्त मामले के साथ शामिल किया जाएगा। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया से कोई प्रतिक्रिया फिलहाल प्राप्त नहीं किया जा सका है
उत्तर प्रदेश कांग्रेस 'ई'
के कार्यकारणी सदस्य नागेंद्र कुमार शुक्ल ने सरकार के कथनी करनी पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी पूरे राज्य में शिक्षक/कर्मचारियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की सार्वजनिक जांच की घोषणा कर रहे हैं तथा जिन मामलों को प्रकाश में लाया जा रहा है तो उनके मंत्री द्वारा राजनीतिक दबाव बनाकर शिकायत कर्ताओं को ही पुलिस द्वारा प्रताड़ित कराया जा रहा है।
श्री शुक्ला ने कहा कि अंतर प्रांतीय अपराधी गिरोह एवं शिक्षा माफिया के कुकर्म को उजागर करने वाले पत्रकार को दिनांक 16/6/2020को थाना कोतवाली देवरिया में 2:00 बजे दिन से रात 9:00 बजे तक प्रताड़ित कर शिक्षा माफिया के अवैध शस्त्र लाइसेंस की जांच कराने की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव बनवाया जाता रहा । भरोसेमंद सूत्रों की माने तो योगी सरकार के एक कवीना मंत्री तथा एक जाति विशेष के राजनेता के दबाव में ऐसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है जो पीत पत्र कारिता एवं लोकतंत्र के लिए खतरा साबित हो रहा है
ईका नेता ने सरकार को आगाह किया है कि यदि समय रहते सरकार ने नहीं चेता तो कांग्रेस पार्टी योगी सरकार की जनविरोधी नीति के खिलाफ सड़क से सदन तक आंदोलन चलाने पर मजबूर हो जाएगी।
वरुण कुमार पाण्डेय बजरंगी (पत्रकार) देवरिया से ।
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