घर का भेदी

घर का भेदी

घर का भेदी घर में हो तो
दुश्मन की क्या जरूरत है।
घर की लंका जला वो देगा
आग की क्या जरूरत है।।

रावण ने जब कहाँ लोगो से
भाई ही मेरा भेदी था।
इसलिए मेरे कुल का देखो
कैसे सत्या नाश हुआ।
राम युध्द क्यों जीत गये थे
क्योंकि भाई उनके साथ था।
मेरे भाई ने दगा देकर
हम सबको मरवा दिया।।
घर का भेदी घर में हो तो
दुश्मन की क्या जरूरत है।।

भाई-भाई बहिन का रिश्ता
जग में सबसे प्यारा है।
जिस घर में ये टूटा रिश्ता
उसका मिटाना निश्चित है।
इसलिए भाई बहिन का
संग होना बहुत जरूरी है।
वंश की लाज बचने को
सबका का साथ जरूरी है।।
घर का भेदी घर में हो तो
दुश्मन की क्या जरूरत है।।

भाई-भाई की जंग में देखो
कितने घर उजड़ गए।
कितनो के घर द्वार यारों
बिना बजह ही बिखर गए।
छोटी छोटी बातों को लेकर
रूप बड़ा जिन्हें बना दिया।
भाई बहिन माँ बाप का रिश्ता
एक झटके में मिटा दिया।।
घर का भेदी घर में हो तो
दुश्मन की क्या है जरूरत।
घर की लंका जला वो देगा
आग की क्या है जरूरत।।

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ