बोलना रजत, मौन स्वर्ण बताया गया,
बढ़ता विवाद, मौन से सुलझाया गया।बोलने वाला सदैव, सब पर हावी हुआ,
मौन रहने वाला, सदा ही दबाया गया।
बड़ों के सम्मुख बहस से, मौन बेहतर,
कुतर्क के सम्मुख तर्क से, मौन बेहतर।
विपरीत हालात में, शांत मन की ज़रूरत,
घर की शांति के लिये, सदा मौन बेहतर।
मौन की परिभाषा को पढा हमने,
मौन का अर्थ शब्दों में गढ़ा हमने।
मौन में शांति, आक्रोश भी मौन में,
मौन थप्पड़ मुखरता पर जड़ा हमने।
मौन रहकर शक्ति का संचयन किया,
मौन रहकर मन का भी, मंथन किया।
अहम् ब्रह्म अस्मि, मौन रह कर जाना,
मौन रहकर ही, ॐ की गुॉजन किया।
मौन में शांति की अवधारणा छिपी,
मौन में ही अमन की कामना छिपी।
विवाद का कारण वाचाल बताया,
मौन में ही सुख समृद्धि भावना छिपी।
शान्त रह कर पत्नी को मनाना सीखिए,
प्रशंसा के दो बोल, अमन लाना सीखिए।
पानी का बुलबुला, होता क्रोध पत्नी का,
मीठी बोली उपहार, ख़ुशियाँ लाना सीखिए।
डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com