सरस्वती पूजा पर किए जाने वाला दिव्य महाप्रयोग

हर हर महादेव!!
लेखक:रवि शेखर सिन्हा उर्फ आचार्य मनमोहन। ज्योतिष मार्तंड एवं जन्म कुंडली विशेषज्ञ।
माता सरस्वती वाणी, बुद्धि और विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं। जिस पर माता सरस्वती की कृपा हो जाए उसकी वाणी शानदार हो जाती है। उसकी विद्या बड़ी अच्छी हो जाती है। व्यक्ति महान विद्वान बन जाता है। उसकी बुद्धि बड़ी तीव्र हो जाती है।
आमतौर पर जिस व्यक्ति की जन्म कुंडली में राहु की महादशा अथवा अंतर्दशा चलती है अथवा जन्म कुंडली में द्वितीय भाव अथवा पंचम भाव खराब स्थिति में आ जाए या इन घरों के मालिक पर अशुभ प्रभाव हो जाए तो ऐसे बच्चों की पढ़ाई लिखाई खराब हो जाती है। बुद्धि खराब हो जाती है। वाणी खराब हो जाती है। स्वभाव में विकृति आ जाती है। ऐसी स्थिति में वर्ष में सिर्फ एक दिन मिलता है सरस्वती पूजा का दिन। जिस दिन माता सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त करके इस प्रकार के दुष्प्रभावों से विद्यार्थी को बचाया जा सकता है। इसके लिए एक विशेष प्रयोग का वर्णन करने जा रहा हूं। जिसका प्रयोग करके विद्यार्थी की पढ़ाई लिखाई, बुद्धि, विद्या और वाणी को सुधारा जा सकता है।
23 जनवरी 2026 शुक्रवार को सर्वप्रथम एक स्थान पर लाल या पीले कपड़े के आसान को बिछाकर माता सरस्वती की मूर्ति अथवा उनका चित्र स्थापित करें। स्वयं पीले वस्त्र धारण करें। विधिवत माता सरस्वती की पूजा करें। मां सरस्वती का आवाहन से लेकर उनका पूजन पंचोपचार अथवा षोडशोपचार अथवा राजोपचार अथवा यथोपचार, जिस विधि से आप करना चाहें उस विधि से संकल्प पूर्वक माता सरस्वती की पूजा करें। उन्हें पीले फल केला इत्यादि का भोग लगाएं। पीले पुष्प चढ़ाए, पीले पुष्पों की हार पहनाएं। पीले चंदन का तिलक लगाएं। पीली मिठाई और नारियल अर्पित करें। इसके साथ चांदी की एक छोटी सी कटोरी में शहद भरकर माता सरस्वती के सामने रखें। पूजा करने के उपरांत *ऐं* बीज मंत्र का एक 108 बार जाप कर लें और उस शहद पर फूंक मार दें। अब यह शहद माता सरस्वती के बीज मंत्र *ऐं* बीज मंत्र से अभिमंत्रित हो जाएगा। माता सरस्वती की आरती कर लें। संभव हो तो हवन यज्ञ भी कर लें। उसके पश्चात बुध की अथवा गुरु की होरा में घर में पढ़ाई करने वाले जितने भी बच्चे हैं, उन सब की जीभ पर सोने की कलम अथवा सोने की तार से इस अभिमंत्रित शहद से *ऐं* बीज मंत्र लिख दें और उस विद्यार्थी को कहें कि थोड़ी देर तक जितना संभव हो सके इसी *ऐं* बीज मंत्र का जाप कर ले। यदि सोने का तार संभव न हो तो कुश घास अर्थात कुशा के सहारे यह प्रयोग कर सकते हैं। प्रयोग करते समय एक आसन पर विद्यार्थी को पूर्व दिशा की तरफ मुंह कर कर बिठा दें और यह प्रयोग करने वाला व्यक्ति स्वयं उत्तर की तरफ मुंह करके एक आसन पर बैठ जाए और फिर सोने की तार अथवा कुश के टुकड़े को शहद में डुबोकर विद्यार्थी की जीभ पर *ऐं* बीज मंत्र लिख दें।*ऐं* बीज मंत्र लिखने के बाद विद्यार्थी वहीं बैठकर थोड़ी देर तक इस बीज मंत्र का जाप कर ले। ऐसा करने से वाणी, बुद्धि, विद्या बहुत अच्छी हो जाती है। जिससे शिक्षा प्राप्ति में बहुत लाभ मिलता है। अपने-अपने शहर के अनुसार होरा देख लें। यह प्रयोग बुध और गुरु की होरा में ही करना है।
23 जनवरी 2026 को मुंबई में बुध की होरा सुबह 8:11 से 9:07 के बीच होगा। जबकि गुरु की होरा सुबह 11:00 से लेकर 11:55 तक होगा। पुनः बुध की होरा दोपहर 2:42 से 3:38 तक और गुरु की होरा शाम 5:30 बजे से लेकर 6:26 तक होगा।
पटना बिहार में 23 जनवरी 2026 को बुध की होरा का समय होगा सुबह 7:30 से 8:25, जबकि गुरु की होरा का समय होगा सुबह 10:13 से 11:07.
पुनः दोपहर 1:50 से 2:44 तक बुध की होरा होगी। शाम 4:32 से 5:27 तक गुरु की होरा रहेगी।
इसी समय विशेष में यह प्रयोग करना शुभ फलदायक होगा।इति शुभमस्तु!!
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