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डाक महामेला से ग्रामीण सेवाओं को नई गति, 20 हजार से अधिक नए खाते खुले

डाक महामेला से ग्रामीण सेवाओं को नई गति, 20 हजार से अधिक नए खाते खुले

पटना, 21 जनवरी 2026।
डाक विभाग, भारत सरकार के तत्वावधान में ग्रामीण डाकघरों की सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, डाक बचत बैंक योजनाओं के विस्तार तथा पीएलआई/आरपीएलआई के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पटना डाक प्रमंडल में भव्य डाक महामेला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बुधवार को पंडित मदन मोहन मालवीय डाक संस्कृति केंद्र, आर. ब्लॉक में संपन्न हुआ।

महामेले के अवसर पर पटना मंडल के सभी शाखा डाकपालों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं, डाक बचत बैंक और बीमा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सेवा सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम. यू. अब्दाली, मुख्य डाक महाध्यक्ष, बिहार परिमंडल ने कहा कि “डाक बचत बैंक ग्रामीण भारत की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है।” उन्होंने डाक बचत खाते, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, सुकन्या समृद्धि योजना तथा वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के माध्यम से सुरक्षित निवेश के लिए आमजन को प्रेरित करने पर जोर दिया। साथ ही, पीएलआई/आरपीएलआई को ग्रामीण परिवारों के लिए भरोसेमंद बीमा सुरक्षा बताया।

विशिष्ट अतिथि पवन कुमार, निदेशक डाक सेवाएँ (मुख्यालय), बिहार ने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, ग्राहकों को सटीक जानकारी देने और डिजिटल सेवाओं के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। वहीं वरिष्ठ डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने शाखा डाकपालों से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

महामेले के दौरान डाक बचत बैंक एवं पीएलआई/आरपीएलआई योजनाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डाकपालों, शाखा डाकपालों और डायरेक्ट एजेंटों को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपाधीक्षक अरुण कुमार गांधी, सहायक डाक अधीक्षक कन्हैया प्रसाद सिंह, विकास कुमार, निरीक्षक डाकघर तबरेज आलम तथा सतीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डाक महामेला में पूरे प्रमंडल से व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। इस दौरान 20,000 से अधिक नए खाते खोले गए और 200 से अधिक लोगों का बीमा किया गया। साथ ही बाल आधार बनवाने, गंगोत्री का गंगाजल उपलब्ध कराने तथा नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण जैसी जनोपयोगी सेवाएँ भी प्रदान की गईं।कार्यक्रम का समापन ग्रामीण क्षेत्रों में डाक बचत एवं बीमा योजनाओं को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
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