ढूँढिए मुझमें, क्या ढूँढना है आपको,

ढूँढिए मुझमें, क्या ढूँढना है आपको,

प्यार की पराकाष्ठा, जाँचना है आपको।
जानिए खुद की वफ़ा को आप पहले,
गर मेरी वफ़ा को, जानना है आपको।


देखकर मेरी तरफ जब, नजरें घुमा ली आपने,
हसरतों पर मेरी तब, नफरत दिखाई आपने।
मर गये थे उस घड़ी ही, लाश बनकर रह गये,
ज़िन्दगी के मायने जब, समझा दिये थे आपने।


हम जीये हैं नाम लेकर, हर पल तेरा,
तन्हाई में भी ख्याल आया, हर पल तेरा।
बिसरा नहीं सके, ख्वाब में भी हम तुम्हें,
मरने पर आँखें खुली, इंतजार था हरपल तेरा।

डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ