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अब तक की जांच में मवेशी तस्कर नहीं थे नेपाल प्रहरी के गाेली से घायल युवक

इंडो-नेपाल बॉर्डर स्थित फतेहपुर थाना क्षेत्र से सटे नो मेंस लैंड में गोलीबारी मामले में एसपी कुमार आशाीष के निर्देश पर जांच को पहुंचे एसडीपीओ अनवर जावेद अंसारी। जहां स्थानीय थानाध्यक्ष, एसएसबी के अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों भी मौजूद थे। जांच के दौरान एसडीपीओ तीन सौ मीटर स्थित नेपाल क्षेत्र भी गए। जहां नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की।

इस दौरान दोनों पक्षों का बात सुनी। जांच के दौरान यह पाया गया जो ग्रामीण मवेशी लाने के लिए गए थे। जिसके कारण दोनों के बीच पहले हाथापाई हुई। अन्य जवान मवेशी तस्कर समझकर गोली चला दी। एसडीपीओ अंसारी ने कहा कि ग्रामीण भी गलत तरीके से नो मेंस लेंड में गए। अगर मवेशी चला गया था तो इसकी जानकारी स्थानीय थाना को देना था।

लॉकडाउन है शाम सात बजे के बाद बॉर्डर पर जाना भी नहीं है। इसके बावजूद भी गए। उन्होंने कहा कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अबतक के जांच में जो भी पाया गया है वह वरीय अधिकारी को अवगत करा देंगे। उन्होंने कहा कि सीमा पर इस तरह से ग्रामीण को नहीं जाना चाहिए। बता दें कि शनिवार की देर शाम फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत इंडो नेपाल बॉर्डर पिलर संख्या 152 के समीप नेपाल एपीएफ जवान के गोली से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

जिसके बाद परिजनों ने किसी तरह घायल जितेंद्र कुमार सिंह को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया जहां मरीज की स्थिति को देखते हुए पूर्णिया रेफर कर दिया था। मामला दो देशों के बीच होने के कारण मामला काफी तूल पकड़ लिया था। जिसके बाद पुलिस सहित इंटेलिजेंस ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय व पुलिस मुख्यालय को सौंपी थी।



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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/kishanganj/news/cattle-traffickers-were-not-investigated-till-now-127542466.html

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